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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   On the first Sunday of Chaitra month, 30 thousand devotees bowed their heads in Navaya Baba's cave.

Hamirpur (Himachal) News: चैत्र मास के पहले रविवार को 30 हजार श्रद्धालुओं ने नवाया बाबा की गुफा में शीश

Mon, 20 Mar 2023 12:35 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Mar 2023 12:35 AM IST
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बिझड़ी(हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को 30 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए। ज्येष्ठ रविवार होने के कारण बाबा के दरबार में श्रद्धालुओं की खूब भीड़ उमड़ी। वहीं चैत्र माह मेलेे शुरू होने के बाद यह पहला रविवार था। चैत्र मास के मेलों का आगाज 14 मार्च को हुआ था। रविवार को चैत्र मास के पहले रविवार को देश -विदेश विशेषकर पंजाब, लुधियाना, अमृतसर से आए भक्तों ने हजारों की संख्या में बाबा के दर में अपना शीश नवाया और बाबाजी का आशीर्वाद लिया। दूर-दूर से आने वाले भक्तों ने शनिवार शाम को ही शाहतलाई और दियोटसिद्ध में आना शुरू कर दिया था इसके चलते सभी होटल पूरी तरह पैक हो चुके थे। बावजूद इसके पूरी रात तलाई से बाबा की गुफा की ओर लगातार भक्तों की टोलियों का आना-जाना लगा रहा। सुबह होते-होते भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं और भक्तों को पांच से छह घंटे तक बाबा की गुफा के दर्शनों का इंतजार करना पड़ा। बाबा के भक्तों को तीन समय का भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा शाहतलाई और शाहतलाई से हमीरपुर की सीमा तक अनेक भक्तों ने खीर, पकौड़े और हलुआ पूरी के भंडारों का आयोजन किया हुआ है। चाय, पानी की जगह-जगह पर व्यवस्था, बाबा के परम भक्तों ने की है। मंदिर प्रशासन ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्यू आर कोड के माध्यम से मंदिर में होने बाली बाबा की आरती के अलावा सरायों और होटलों में कमरे बुक करवाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था की है जिसके माध्यम से देश-विदेश में रह रहे बाबा के भक्त इन सुविधाओं का घर बैठे ही लाभ ले सकते हैं। मंदिर न्यास और मंदिर प्रशासन ने दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों और असहाय बाबा के भक्तों के लिए फ्री टैक्सी सुविधा का प्रावधान किया है। मंदिर न्यास द्वारा भक्तों को उचित मूल्य पर बाबा जी को अर्पित किए जाने वाले रोटों के कीमत नो प्रॉफिट-नो लॉस के आधार पर न्यास की कैंटीनों में उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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जहां बाजार में वनस्पति घी से बना रोट 15 रुपये और देशी घी में तले रोट का मूल्य 20 रूपये निर्धारित किया गया है वहीं बाजार में इन रोटों का मूल्य 15 से 25 रुपये तक है। बाबा बालकनाथ मंदिर की गुफा में पिछले चार दिनों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपना शीश नवा चुके हैं और एक करोड़ के लगभग नगद चढ़ावा और सोना चांदी के अलावा भारी संख्या में विदेशी मुद्रा बाबा के चरणों में अर्पित कर चुके हैं। पिछले वर्ष चढ़ावा छह करोड़ रुपये से पार कर गया था। 22 मार्च से नवरात्र शुरू हो रहे हैं और नवरात्रों में हर वर्ष भक्तों की संख्या में अप्रत्याशित भीड़ देखने को मिलती है। बाबा बालकनाथ मंदिर के गद्दीशीन महंत राजेंद्र गिरी ने कहा कि मंदिर के ऊपरी बाजार में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए टोकन व्यवस्था का प्रावधान किया जाए ताकि अपर बाजार में जाम से छुटकारा मिल सके।
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मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं मेला अधिकारी एसडीएम शशि पाल शर्मा ने कहा कि बाबा के भक्तों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर न्यास और प्रशासन बाबा के भक्तों को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाने के पूरे प्रयास कर रहे हैं। पिछले चार दिनों में हजारों की संख्या में भक्त अपना शीश बाबा की गुफा नवा चुके हैं और एक करोड़ रुपये के करीब नकदी, सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा बाबा के चरणों में अर्पित कर चुके हैं।
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