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Hamirpur (Himachal) News: बेसहारा पशुओं को अब टैगिंग के बाद ही मिलेगा गोशाला में आश्रय
Mon, 04 Aug 2025 12:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 04 Aug 2025 12:26 AM IST
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हमीरपुर। जिले की गोशालाओं में अब बिना टैगिंग के किसी भी बेसहारा गोवंश को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पशुपालन विभाग ने गोशालाओं में पारदर्शिता लाने और हर पशु का सटीक रिकॉर्ड रखने के लिए यह निर्णय लिया है। विभाग की ओर से सभी गोशाला संचालकों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिनके तहत अब प्रत्येक गोवंश की टैगिंग अनिवार्य होगी।
विभाग ने पाया है कि कई बार गोशालाओं में बिना टैग के पशु लाए जाते हैं, जिससे न तो उनका रिकॉर्ड समय पर दर्ज हो पाता है और न ही उनके स्वास्थ्य, मृत्यु अथवा देखभाल की जानकारी व्यवस्थित रूप से रखी जाती है। टैगिंग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कौन सा पशु कब गोशाला में लाया गया, उसकी देखरेख किस स्थिति में हुई और भविष्य में यदि कोई घटना हो तो उसका पूरा ब्यौरा उपलब्ध हो।
25 गोशालाओं में 2100 से अधिक गोवंश को आश्रय
हमीरपुर जिले में वर्तमान में कुल 25 पंजीकृत गोशालाएं और गो-अभयारण्य संचालित हो रहे हैं। इनमें करीब 2100 बेसहारा पशुओं को आश्रय दिया गया है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. देवेंद्र लाल कतना ने बताया कि गोशालाओं में टैगिंग व्यवस्था लागू करने से पशुओं की निगरानी और देखभाल दोनों में सुधार होगा। टैगिंग न केवल पशु की पहचान स्पष्ट करती है, बल्कि चारा अनुदान सहित अन्य योजनाओं के वितरण में भी पारदर्शिता लाती है।
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सितंबर से मिलेगा बढ़ा हुआ मासिक चारा अनुदान
प्रदेश सरकार ने गोशालाओं में रखे गए गोवंश के लिए मिलने वाले मासिक चारा अनुदान को बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति पशु कर दिया है। पहले यह राशि 700 रुपये थी। अनुमान है कि सितंबर महीने से यह बढ़ी हुई राशि गोशालाओं को मिलनी शुरू हो जाएगी। वर्तमान में हमीरपुर जिले को हर माह करीब 14.5 रुपये लाख का चारा अनुदान मिलता है, जो अब बढ़कर लगभग 25 लाख प्रति माह हो जाएगा।
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विभाग ने पाया है कि कई बार गोशालाओं में बिना टैग के पशु लाए जाते हैं, जिससे न तो उनका रिकॉर्ड समय पर दर्ज हो पाता है और न ही उनके स्वास्थ्य, मृत्यु अथवा देखभाल की जानकारी व्यवस्थित रूप से रखी जाती है। टैगिंग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कौन सा पशु कब गोशाला में लाया गया, उसकी देखरेख किस स्थिति में हुई और भविष्य में यदि कोई घटना हो तो उसका पूरा ब्यौरा उपलब्ध हो।
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25 गोशालाओं में 2100 से अधिक गोवंश को आश्रय
हमीरपुर जिले में वर्तमान में कुल 25 पंजीकृत गोशालाएं और गो-अभयारण्य संचालित हो रहे हैं। इनमें करीब 2100 बेसहारा पशुओं को आश्रय दिया गया है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. देवेंद्र लाल कतना ने बताया कि गोशालाओं में टैगिंग व्यवस्था लागू करने से पशुओं की निगरानी और देखभाल दोनों में सुधार होगा। टैगिंग न केवल पशु की पहचान स्पष्ट करती है, बल्कि चारा अनुदान सहित अन्य योजनाओं के वितरण में भी पारदर्शिता लाती है।
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सितंबर से मिलेगा बढ़ा हुआ मासिक चारा अनुदान
प्रदेश सरकार ने गोशालाओं में रखे गए गोवंश के लिए मिलने वाले मासिक चारा अनुदान को बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति पशु कर दिया है। पहले यह राशि 700 रुपये थी। अनुमान है कि सितंबर महीने से यह बढ़ी हुई राशि गोशालाओं को मिलनी शुरू हो जाएगी। वर्तमान में हमीरपुर जिले को हर माह करीब 14.5 रुपये लाख का चारा अनुदान मिलता है, जो अब बढ़कर लगभग 25 लाख प्रति माह हो जाएगा।