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Hamirpur (Himachal) News: अब ऑनलाइन दिखेगी स्वयं सहायता समूहों की पूरी जानकारी
Sat, 09 May 2026 01:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 09 May 2026 01:21 AM IST
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हमीरपुर। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिले में कार्यरत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा।
इससे समूहों की पूरी जानकारी ऑनलाइन दिखेगी और सभी गतिविधियों में पारदर्शिता आएगी, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। योजना के तहत महिलाओं द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों को ऑनलाइन बाजार उपलब्ध कराने की भी तैयारी है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
नई व्यवस्था के अनुसार जिले के सभी स्वयं सहायता समूहों का डाटा डिजिटल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसमें समूह का नाम, सदस्यों की संख्या, गांव और पंचायत की जानकारी, समूह द्वारा किए जाने वाले कार्य, तैयार उत्पाद, बैंक खाता विवरण और संपर्क जानकारी शामिल रहेगी।
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अभी तक कई स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनकी जानकारी सीमित दायरे तक ही पहुंच पाती थी। डिजिटल प्लेटफॉर्म बनने के बाद कोई भी व्यक्ति समूहों की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेगा। इससे समूहों की पहचान बढ़ेगी और उन्हें बाजार और खरीदारों से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा।
कोट
पहल के तहत महिलाओं को ऑनलाइन माध्यम से अपने उत्पाद बेचने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से समूहों को जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे महिलाओं को सीधा लाभ होगा। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक सह-परियोजना अधिकारी, डीआरडीए
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इससे समूहों की पूरी जानकारी ऑनलाइन दिखेगी और सभी गतिविधियों में पारदर्शिता आएगी, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। योजना के तहत महिलाओं द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों को ऑनलाइन बाजार उपलब्ध कराने की भी तैयारी है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
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नई व्यवस्था के अनुसार जिले के सभी स्वयं सहायता समूहों का डाटा डिजिटल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसमें समूह का नाम, सदस्यों की संख्या, गांव और पंचायत की जानकारी, समूह द्वारा किए जाने वाले कार्य, तैयार उत्पाद, बैंक खाता विवरण और संपर्क जानकारी शामिल रहेगी।
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अभी तक कई स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनकी जानकारी सीमित दायरे तक ही पहुंच पाती थी। डिजिटल प्लेटफॉर्म बनने के बाद कोई भी व्यक्ति समूहों की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेगा। इससे समूहों की पहचान बढ़ेगी और उन्हें बाजार और खरीदारों से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा।
कोट
पहल के तहत महिलाओं को ऑनलाइन माध्यम से अपने उत्पाद बेचने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से समूहों को जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे महिलाओं को सीधा लाभ होगा। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक सह-परियोजना अधिकारी, डीआरडीए