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Hamirpur (Himachal) News: सियासी चर्चा के केंद्र सुजानपुर में सेहत की चिंता नहीं
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चुनावी मुद्दा
सिविल अस्पताल सुजानपुर में चिकित्सकों के आठ पद रिक्त
अल्ट्रासाउंड और एक्सरे सुविधा से भी महरूम हो गए हैं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सुजानपुर (हमीरपुर)। बेशक राजनीति की दृष्टि से सुजानपुर पिछले एक दशक से प्रदेशभर में चर्चा का केंद्र रहा है लेकिन यहां स्वास्थ्य सुविधाएं न के बराबर ही हैं। मामूली जुकाम-बुखार का इलाज ही यहां पर संभव हो पा रहा है। यह अस्पताल महज रेफरल यूनिट बनकर रह गया है। सुजानपुर के लोगों को उपचार के लिए पालमपुर या हमीरपुर का रुख करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से इस अस्पताल को 100 बेड की क्षमता का बनाने की घोषणा हुई थी लेकिन नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी जमीनी स्तर पर व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो सका है। डाॅक्टरों और उपकरणों की कमी के चलते दुर्घटना की आपात स्थिति में भी यहां पर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
नागरिक अस्पताल सुजानपुर में चिकित्सकों के 14 पद सृजित हैं, इनमें महज छह पद भरे हैं और आठ खाली चल रहे हैं। कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त खंड चिकित्सा अधिकारी का पद भी काफी समय से खाली चल रहा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन बहुत पुरानी हो गई है और काम करने लायक नहीं रही है। इससे अल्ट्रासाउंड की सुविधा से भी यहां मरीज महरूम रहते हैं। वहीं, एक्सरे ऑपरेटर न होने के कारण एक्स-रे मशीन भी बंद पड़ी है। इससे मरीजों को एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए हमीरपुर व पालमपुर का रुख करना पड़ता है। कोई भी विशेषज्ञ न होने और सुविधाएं पूरी न होने से अधिकतर रोगियों को हमीरपुर अस्पताल के लिए ही रेफर किया जाता है। अब सुजानपुर में विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है और लोगों में फिर से आस बंधी है कि चुनाव के बाद शायद सुजानपुर के अस्पताल के दिन बदल जाएं। हर दफा चुनावों में नेताओं को लोग इस अस्पताल में व्यवस्थाओं में सुधार की गुहार लगाते हैं लेकिन हर बार चुनावी भाषणों तक ही दावे सीमित रहते हैं।
कोट्स
कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन रणजीत राणा का कहना है कि कांग्रेस सरकार में इस अस्पताल में व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है। अस्पताल को 100 बेड की क्षमता का बनाने की अधिसूचना जारी हो चुकी है। जल्द ही यह कार्य पूरा होगा। जयराम सरकार में सुजानपुर की अनदेखी हुई है। सुजानपुर में हर सड़क, स्वास्थ्य व शिक्षा हर क्षेत्र में सीएम सुक्खू की अगुवाई में बेहतर सुविधाएं लोगों को उपलब्ध करवाई जाएंगी। हर कार्य बजट प्रावधान के साथ करना ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की नीति है, वह घोषणाओं में नहीं बल्कि कार्य करने में विश्वास रखते हैं।
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भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद सुजानपुर अस्पताल में 100 बेड की क्षमता विकसित नहीं की गई है। यह घोषणा भाषण तक सीमित रही है। सुजानपुर में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी यही हाल है। डाॅक्टर से लेकर मशीनरी का टोटा क्षेत्र में है। सुविधाओं की कमी का खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सीएम सुक्खू को कई बार इस बारे में आग्रह किया गया लेकिन उन्होंने सुनवाई तक नहीं की।
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सिविल अस्पताल सुजानपुर में चिकित्सकों के आठ पद रिक्त
अल्ट्रासाउंड और एक्सरे सुविधा से भी महरूम हो गए हैं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सुजानपुर (हमीरपुर)। बेशक राजनीति की दृष्टि से सुजानपुर पिछले एक दशक से प्रदेशभर में चर्चा का केंद्र रहा है लेकिन यहां स्वास्थ्य सुविधाएं न के बराबर ही हैं। मामूली जुकाम-बुखार का इलाज ही यहां पर संभव हो पा रहा है। यह अस्पताल महज रेफरल यूनिट बनकर रह गया है। सुजानपुर के लोगों को उपचार के लिए पालमपुर या हमीरपुर का रुख करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से इस अस्पताल को 100 बेड की क्षमता का बनाने की घोषणा हुई थी लेकिन नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी जमीनी स्तर पर व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो सका है। डाॅक्टरों और उपकरणों की कमी के चलते दुर्घटना की आपात स्थिति में भी यहां पर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
नागरिक अस्पताल सुजानपुर में चिकित्सकों के 14 पद सृजित हैं, इनमें महज छह पद भरे हैं और आठ खाली चल रहे हैं। कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त खंड चिकित्सा अधिकारी का पद भी काफी समय से खाली चल रहा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन बहुत पुरानी हो गई है और काम करने लायक नहीं रही है। इससे अल्ट्रासाउंड की सुविधा से भी यहां मरीज महरूम रहते हैं। वहीं, एक्सरे ऑपरेटर न होने के कारण एक्स-रे मशीन भी बंद पड़ी है। इससे मरीजों को एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए हमीरपुर व पालमपुर का रुख करना पड़ता है। कोई भी विशेषज्ञ न होने और सुविधाएं पूरी न होने से अधिकतर रोगियों को हमीरपुर अस्पताल के लिए ही रेफर किया जाता है। अब सुजानपुर में विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है और लोगों में फिर से आस बंधी है कि चुनाव के बाद शायद सुजानपुर के अस्पताल के दिन बदल जाएं। हर दफा चुनावों में नेताओं को लोग इस अस्पताल में व्यवस्थाओं में सुधार की गुहार लगाते हैं लेकिन हर बार चुनावी भाषणों तक ही दावे सीमित रहते हैं।
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कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन रणजीत राणा का कहना है कि कांग्रेस सरकार में इस अस्पताल में व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है। अस्पताल को 100 बेड की क्षमता का बनाने की अधिसूचना जारी हो चुकी है। जल्द ही यह कार्य पूरा होगा। जयराम सरकार में सुजानपुर की अनदेखी हुई है। सुजानपुर में हर सड़क, स्वास्थ्य व शिक्षा हर क्षेत्र में सीएम सुक्खू की अगुवाई में बेहतर सुविधाएं लोगों को उपलब्ध करवाई जाएंगी। हर कार्य बजट प्रावधान के साथ करना ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की नीति है, वह घोषणाओं में नहीं बल्कि कार्य करने में विश्वास रखते हैं।
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भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद सुजानपुर अस्पताल में 100 बेड की क्षमता विकसित नहीं की गई है। यह घोषणा भाषण तक सीमित रही है। सुजानपुर में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी यही हाल है। डाॅक्टर से लेकर मशीनरी का टोटा क्षेत्र में है। सुविधाओं की कमी का खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सीएम सुक्खू को कई बार इस बारे में आग्रह किया गया लेकिन उन्होंने सुनवाई तक नहीं की।