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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   No decision taken for buildings of 22 closed schools

Hamirpur (Himachal) News: बंद 22 स्कूलों के भवनों के लिए नहीं हुआ कोई फैसला

Wed, 19 Jun 2024 08:12 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jun 2024 08:12 PM IST
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एक वर्ष से बंद स्कूलों की भवन खंडहरों में हुए तबदील
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देखरेख न होने से दरवाजों से लेकर परिसर में उगा घास
शिक्षा विभाग ने स्कूलों के भवन के प्रयोग को लेकर प्रशासन को सौंपी है फाइल
स्कूल भवनों के निर्माण कार्य पर लाखों रुपये का बजट किया गया है खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। कम विद्यार्थी संख्या के चलते बंद हुए जिले के 22 स्कूलों के भवन प्रतिदिन खंडहरों में तबदील होते जा रहे हैं लेकिन अभी तक स्कूलों के भवनों को लेकर कोई भी फैसला नहीं हो पाया है। शिक्षा विभाग ने एक वर्ष पूर्व जिला प्रशासन को स्कूलों की रिपोर्ट फाइल भेजी है ताकि इनके भवनों का प्रयोग अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों, महिला मंडल, आंगनबाड़ी केंद्रों, युवक मंडल के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए किया जा सके। स्कूल भवनों की देखरेख न होने से भवन परिसर में झाड़ियां उग गई हैं और कक्षा कक्षों के दरवाजे टूट रहे हैं। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के दौरान इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण सरकार ने इन्हें बंद करने का निर्णय लिया था। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़े इसके लिए अध्यापकों ने डोर टू डोर जाकर भी अभिभावकों को जागरूक किया और स्कूलों में दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में अवगत करवाया लेकिन सारे प्रयास असफल रहे और इसका नतीजा 22 स्कूलों को बंद करना पड़ा। स्थानीय लोगों सुनील, अभिषेक, रतना देवी, सूरज सिंह, संध्या, करतार चंद, चंद्रकांत वर्मा, जंगदीश, मोहन राणा आदि ने कहा कि 20 स्कूलों के भवनों में ताले लटके हुए हैं। स्कूलों में न तो विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं, न ही स्कूल भवनों का प्रयोग अन्य कार्यक्रमों के लिए हो पा रहा है। इससे भवन बदहाली का शिकार होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कई बार जिला प्रशासन से स्कूल भवनों का प्रयोग अन्य कार्यक्रम को करने के लिए मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक भवनों का प्रयोग करने के लिए उन्हें मंजूरी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि यदि स्कूल भवनों का प्रयोग अन्य कार्यक्रमों के लिए होता है तो भवनों की उचित देखभाल होगी और सरकारी संपत्ति का सही प्रयोग हो सकेगा। बंद पड़े स्कूल भवनों में नशेड़ी नशीले पदार्थों का प्रयोग कर रहे हैं और संरक्षित पशु सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से स्कूल भवनों का प्रयोग अन्य माध्यमों से करवाने की मांग की है ताकि भवनों का सही तरीके से प्रयोग किया जा सके।
इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि स्कूल भवनों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है। भवन प्रयोग को लेकर प्रशासन की ओर से ही निर्णय लिया जाएगा। कम विद्यार्थी संख्या होने के चलते 20 स्कूल बंद हुए हैं।
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बंद होने वाले स्कूल
राजकीय प्राथमिक पाठशाला संचूही, अंबगाहरां, पीपल, चनेड, महेश क्वाल, अप्पर बेहा, तरकेरी, नूग्रां, अंबोटा, डोडरू, चलसाई, मंगनोटी, सकरोह, समलोग, बौरू, चौन,टूह, भरनोट,भटवारा, बीडी धार, राजकीय माध्यमिक पाठशाला बौरू, बारीं मंदिर।
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