{"_id":"619a8b4561aa204516038382","slug":"nh-construction-hamirpur-hp-news-sml3909708194","type":"story","status":"publish","title_hn":"हमीरपुर से मंडी के नेशनल हाईवे को अभी करना पड़ेगा लंबा इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हमीरपुर से मंडी के नेशनल हाईवे को अभी करना पड़ेगा लंबा इंतजार
विज्ञापन
हमीरपुर। अटारी से लेह तक प्रस्तावित सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे के हमीरपुर से मंडी के बीच होने वाले निर्माण कार्य की रफ्तार बहुत धीमी है। भूमि अधिग्रहण का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। जबकि इस एनएच के निर्माण की प्रक्रिया वर्ष 1998 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल से चल रही है। 22 वर्ष बाद भी यह एनएच तैयार नहीं हो पाया है। हालांकि अटारी से हमीरपुर के दरोगण पति कोट तक एनएच का निर्माण हो चुका है। जबकि इससे आगे का कार्य लटका हुआ है। केंद्र सरकार ने इस कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन कोरोना के कारण भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रभावित हुआ है।
जिला हमीरपुर के 17 गांवों से नेशनल हाईवे की अलाइनमेंट तैयार की गई है। जिसमें से अभी तक तीन से चार गांवों में ही अधिग्रहित भूमि का मुआवजा आवंटित हो पाया है। जबकि शेष 13 से 14 गांवों में प्रभावित होने वाली संपत्तियों का मुआवजा आवंटित होना शेष बचा हुआ है। करीब 60 करोड़ रुपये मुआवजा राशि का आंकलन किया गया है, जिसमें से अभी तक 10 करोड़ का आवंटन प्रभावितों को किया गया है। अटारी से मंडी के बीच की दूरी 265 किलोमीटर है, जिसमें से 141 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। जबकि हमीरपुर के दरोगण पति कोट से मंडी तक 109 किलोमीटर का कार्य शेष रहा है। केंद्र से इस एनएच के लिए 1100 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। इस एनएच में 803 पेड़ और 450 भवनों पर बुलडोजर चलेगा। लेकिन उससे पहले इन संपत्तियों के वास्तविक मूल्य का आकलन और मुआवजे के भुगतान का कार्य चल रहा है। उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता भी कई बार एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर एनएच के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दे चुकी हैं।
बयान-
एसडीएम भोरंज राकेश शर्मा का कहना है कि हमीरपुर जिला में एनएच के अधीन 17 गांवों आते हैं। अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की प्रक्रिया चल रही है, जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अमित चौबे ने कहा कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के भुगतान का कार्य चल रहा है। एनएच का टेंडर कब तक होगा, इस बारे में विभाग के उच्चाधिकारी ही बता सकते हैं।
विज्ञापन
जिला हमीरपुर के 17 गांवों से नेशनल हाईवे की अलाइनमेंट तैयार की गई है। जिसमें से अभी तक तीन से चार गांवों में ही अधिग्रहित भूमि का मुआवजा आवंटित हो पाया है। जबकि शेष 13 से 14 गांवों में प्रभावित होने वाली संपत्तियों का मुआवजा आवंटित होना शेष बचा हुआ है। करीब 60 करोड़ रुपये मुआवजा राशि का आंकलन किया गया है, जिसमें से अभी तक 10 करोड़ का आवंटन प्रभावितों को किया गया है। अटारी से मंडी के बीच की दूरी 265 किलोमीटर है, जिसमें से 141 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। जबकि हमीरपुर के दरोगण पति कोट से मंडी तक 109 किलोमीटर का कार्य शेष रहा है। केंद्र से इस एनएच के लिए 1100 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। इस एनएच में 803 पेड़ और 450 भवनों पर बुलडोजर चलेगा। लेकिन उससे पहले इन संपत्तियों के वास्तविक मूल्य का आकलन और मुआवजे के भुगतान का कार्य चल रहा है। उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता भी कई बार एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर एनएच के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दे चुकी हैं।
विज्ञापन
बयान-
एसडीएम भोरंज राकेश शर्मा का कहना है कि हमीरपुर जिला में एनएच के अधीन 17 गांवों आते हैं। अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की प्रक्रिया चल रही है, जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अमित चौबे ने कहा कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के भुगतान का कार्य चल रहा है। एनएच का टेंडर कब तक होगा, इस बारे में विभाग के उच्चाधिकारी ही बता सकते हैं।