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टीबी दवाइयों की रिपोर्ट न देने वाले मेडिकल स्टोर संचालक का लाइसेंस होगा सस्पेंड
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हमीरपुर। टीबी की दवाइयां बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों को इसकी जानकारी विभाग को न देना महंगा पड़ सकता है। ऐसे मेडिकल स्टोर संचालकों का लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है।
सरकार ने चार दिसंबर तक ऐसे मेडिकल स्टोर संचालकों को रोगियों की जानकारी विभाग के साथ सांझा करने के निर्देश दिए थे। इसकी रिपोर्ट ड्रग निरीक्षक के कार्यालय में जमा करवानी थी। अगर इस अवधि के दौरान किसी दवा विक्रेता ने विभाग के पास टीबी दवाइयां बेचने की रिपोर्ट विभाग को नहीं दी है तो उस पर कार्रवाई होगी। इसके लिए विभाग निरीक्षण भी करेगा।
दवा विक्रेताओं को शेड्यूल एच वन रजिस्टर बनाना अनिवार्य है। इसकी जांच भी अधिकारी करेंगे। बता दें कि ऐसे तो टीबी का निशुल्क उपचार सरकारी अस्पतालों में होता है लेकिन कुछ मरीज बीमारी और पहचान छिपाने के लिए निजी मेडिकल स्टोरों से ही दवाइयां लेने लग जाते हैं। ऐसे में इन मरीजों का पूरी तरह से उपचार नहीं हो पाता है। इसलिए इनकी पहचान करने के लिए विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों को इनकी जानकारी विभाग को देने के निर्देश दिए हैं।
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ऐसे में अगर किसी न यह दवाइयां बेची हैं और इसकी जानकारी विभाग को नहीं दी है तो उस पर कार्रवाई होगी। ड्रग निरीक्षक दिनेश गौतम ने कहा कि वैसे तो जिले के मेडिकल स्टोर संचालक इसकी रिपोर्ट दे रहे हैं, लेकिन अगर किसी ने विभाग के साथ जानकारी सांझा नहीं की है तो निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस सस्पेंड किए जाएंगे।
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सरकार ने चार दिसंबर तक ऐसे मेडिकल स्टोर संचालकों को रोगियों की जानकारी विभाग के साथ सांझा करने के निर्देश दिए थे। इसकी रिपोर्ट ड्रग निरीक्षक के कार्यालय में जमा करवानी थी। अगर इस अवधि के दौरान किसी दवा विक्रेता ने विभाग के पास टीबी दवाइयां बेचने की रिपोर्ट विभाग को नहीं दी है तो उस पर कार्रवाई होगी। इसके लिए विभाग निरीक्षण भी करेगा।
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दवा विक्रेताओं को शेड्यूल एच वन रजिस्टर बनाना अनिवार्य है। इसकी जांच भी अधिकारी करेंगे। बता दें कि ऐसे तो टीबी का निशुल्क उपचार सरकारी अस्पतालों में होता है लेकिन कुछ मरीज बीमारी और पहचान छिपाने के लिए निजी मेडिकल स्टोरों से ही दवाइयां लेने लग जाते हैं। ऐसे में इन मरीजों का पूरी तरह से उपचार नहीं हो पाता है। इसलिए इनकी पहचान करने के लिए विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों को इनकी जानकारी विभाग को देने के निर्देश दिए हैं।
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ऐसे में अगर किसी न यह दवाइयां बेची हैं और इसकी जानकारी विभाग को नहीं दी है तो उस पर कार्रवाई होगी। ड्रग निरीक्षक दिनेश गौतम ने कहा कि वैसे तो जिले के मेडिकल स्टोर संचालक इसकी रिपोर्ट दे रहे हैं, लेकिन अगर किसी ने विभाग के साथ जानकारी सांझा नहीं की है तो निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस सस्पेंड किए जाएंगे।