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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में आयरन और फॉलिक एसिड की दवाई भी खत्म
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दवाइयों के लिए भटक रहीं हैं गर्भवती महिलाएं
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज में चरमराई व्यवस्था
डेक्लोमाइन टीके और दवाई पहले से ही है अस्पताल में खत्म
अस्पताल प्रबंधन ने आंखें मूंदी, समस्याओं से जूझ रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज में स्थिति दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। लेकिन, प्रशासन समस्याओं का हल करवाने में फेल साबित होता जा रहा है। मरीज दवाइयों के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। अस्पताल में कई दवाइयां खत्म हैं। प्रशासन समस्या का हल करवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा। अब अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे जरूरी आयरन और फॉलिक एसिड की दवाई भी खत्म हो गई है। गर्भवती महिलाएं अब बाहर से निजी मेडिकल स्टोरों से दवाइयां लेने को मजबूर हो गई हैं। एक ओर प्रदेश सरकार ने गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त इलाज और दवाइयां उपलब्ध करवाने की योजना चलाई है लेकिन मेडिकल कॉलेज यह दवाइयां उपलब्ध करवाने में भी सक्षम नहीं है। वहीं, अस्पताल में लंबे समय से दर्द निवारक डेक्लोमाइन टीके व दवाई भी नहीं है। थैलेसीमिया की दवाई के लिए मरीज इधर-उधर भटक रहे हैं। जब कभी कोई व्यक्ति बीमार होता है तो उसे दवाई दी जाती है लेकिन जब दवाइयां ही नहीं होंगी तो इलाज किस तरह से होगा। इतने बड़े मेडिकल कॉलेज में दूरदराज के क्षेत्रों से मरीज इलाज के लिए आते हैं लेकिन व्यवस्था चरमराई हुई है। गर्भवती महिलाओं सुनीता, कंचन, दिव्या, दीक्षा आदि ने कहा कि अस्पताल में आयरन और फॉलिक एसिड दवाई तक नहीं मिल रही है। इस बारे में अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय ने कहा कि ऑर्डर आने में कई बार देरी हो जाती है और कई बार स्टोर से भी दवाइयां नहीं लेते हैं। मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
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डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज में चरमराई व्यवस्था
डेक्लोमाइन टीके और दवाई पहले से ही है अस्पताल में खत्म
अस्पताल प्रबंधन ने आंखें मूंदी, समस्याओं से जूझ रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज में स्थिति दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। लेकिन, प्रशासन समस्याओं का हल करवाने में फेल साबित होता जा रहा है। मरीज दवाइयों के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। अस्पताल में कई दवाइयां खत्म हैं। प्रशासन समस्या का हल करवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा। अब अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे जरूरी आयरन और फॉलिक एसिड की दवाई भी खत्म हो गई है। गर्भवती महिलाएं अब बाहर से निजी मेडिकल स्टोरों से दवाइयां लेने को मजबूर हो गई हैं। एक ओर प्रदेश सरकार ने गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त इलाज और दवाइयां उपलब्ध करवाने की योजना चलाई है लेकिन मेडिकल कॉलेज यह दवाइयां उपलब्ध करवाने में भी सक्षम नहीं है। वहीं, अस्पताल में लंबे समय से दर्द निवारक डेक्लोमाइन टीके व दवाई भी नहीं है। थैलेसीमिया की दवाई के लिए मरीज इधर-उधर भटक रहे हैं। जब कभी कोई व्यक्ति बीमार होता है तो उसे दवाई दी जाती है लेकिन जब दवाइयां ही नहीं होंगी तो इलाज किस तरह से होगा। इतने बड़े मेडिकल कॉलेज में दूरदराज के क्षेत्रों से मरीज इलाज के लिए आते हैं लेकिन व्यवस्था चरमराई हुई है। गर्भवती महिलाओं सुनीता, कंचन, दिव्या, दीक्षा आदि ने कहा कि अस्पताल में आयरन और फॉलिक एसिड दवाई तक नहीं मिल रही है। इस बारे में अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय ने कहा कि ऑर्डर आने में कई बार देरी हो जाती है और कई बार स्टोर से भी दवाइयां नहीं लेते हैं। मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।