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Hamirpur (Himachal) News: कड़ाके की ठंड में विद्यार्थी बरामदे में टाट बिछाकर पढ़ने को मजबूर
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नालंगर स्कूल में बाहर ठंड में बैठक पढ़ाई करते विद्यार्थी। संवाद
हमीरपुर। नया भवन बनने के बाद भी नौनिहाल ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग मृूकदर्शक बना बैठा है। राजकीय उच्च पाठशाला नालंगर में दाखिल विद्यार्थियों को नए भवन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्कूल में छह माह पूर्व नया भवन बनकर तैयार हुआ है। अभी तक कमरों में बिजली सहित सौंदर्यीकरण का कार्य अधूरा है। ऐसे में कड़ाके की ठंड में विद्यार्थी बरामदे में टाट बिछाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी स्कूल भवन निर्माण कार्य अधूरा रहने के पीछे बजट न होने का तर्क दे रहे हैं।
ऐसे में विभागीय लापरवाही का खामियाजा स्कूल में दाखिल विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। वर्तमान में स्कूल में छठी से दसवीं कक्षा तक 50 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल में पुराने जर्जर भवन को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूल में दो मंजिला भवन निर्माण कार्य के लिए 39.82 लाख रुपये का बजट जारी किया था, ताकि स्कूल में विद्यार्थियों के लिए नए भवन का निर्माण करवाया जा सके। लेकिन अभी तक स्कूल में विद्यार्थियों को नए भवन का लाभ नहीं मिल रहा है। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों सरिता देवी, सुरेंद्र कुमार, राकेश, सोमा देवी, राधिका, रजनी, प्रदीप कु मार, मीना देवी आदि ने कहा कि बजट के अभाव में स्कूल में नवनिर्मित भवन का प्रयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में उन्होंने शिक्षा विभाग से दो बार भवन निर्माण कार्य के लिए अतिरिक्त बजट जारी करने की मांग की थी लेकिन अभी तक बजट जारी नहीं हो पाया है। बजट जारी न होने से नव निर्मित भवन शोपीस बनकर रह गया है। भवन के गेट पर लोक निर्माण विभाग ने ताला लगाया हुआ है। स्कूल का भवन काफी पुराना है जो जर्जर अवस्था में है। लेकिन नया भवन बनने के बावजूद विद्यार्थी सुविधा से पूरी तरह से वंचित हैं।
ब्यान:
स्कूल में दो मंजिला भवन बनकर तैयार हो गया है। भवन के सौंदर्यीकरण और बिजली का कार्य शेष है। लोक निर्माण विभाग को शीघ्र भवन निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि विद्यार्थियों को नए भवन का लाभ मिल सके। वार्षिक परीक्षाओं में महज दो माह का समय शेष बचा है। ऐसे में कमरों की सुविधा न होने से विद्यार्थियों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
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जीत सिंह, मुख्याध्यापक नालंगर स्कूल।
बजट जारी न होने से भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। शिक्षा विभाग ने भवन निर्माण कार्य के लिए 35 लाख रुपये का ही बजट ही मिला है। हालांकि निर्माण कार्य के लिए 39. 82 लाख रुपये का बजट स्वीकृ त हुआ था लेकिन पूरा बजट जारी न होने से निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है।
संजय कटोच, एसडीओ लोनिवि हमीरपुर।
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ऐसे में विभागीय लापरवाही का खामियाजा स्कूल में दाखिल विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। वर्तमान में स्कूल में छठी से दसवीं कक्षा तक 50 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल में पुराने जर्जर भवन को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूल में दो मंजिला भवन निर्माण कार्य के लिए 39.82 लाख रुपये का बजट जारी किया था, ताकि स्कूल में विद्यार्थियों के लिए नए भवन का निर्माण करवाया जा सके। लेकिन अभी तक स्कूल में विद्यार्थियों को नए भवन का लाभ नहीं मिल रहा है। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों सरिता देवी, सुरेंद्र कुमार, राकेश, सोमा देवी, राधिका, रजनी, प्रदीप कु मार, मीना देवी आदि ने कहा कि बजट के अभाव में स्कूल में नवनिर्मित भवन का प्रयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में उन्होंने शिक्षा विभाग से दो बार भवन निर्माण कार्य के लिए अतिरिक्त बजट जारी करने की मांग की थी लेकिन अभी तक बजट जारी नहीं हो पाया है। बजट जारी न होने से नव निर्मित भवन शोपीस बनकर रह गया है। भवन के गेट पर लोक निर्माण विभाग ने ताला लगाया हुआ है। स्कूल का भवन काफी पुराना है जो जर्जर अवस्था में है। लेकिन नया भवन बनने के बावजूद विद्यार्थी सुविधा से पूरी तरह से वंचित हैं।
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ब्यान:
स्कूल में दो मंजिला भवन बनकर तैयार हो गया है। भवन के सौंदर्यीकरण और बिजली का कार्य शेष है। लोक निर्माण विभाग को शीघ्र भवन निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि विद्यार्थियों को नए भवन का लाभ मिल सके। वार्षिक परीक्षाओं में महज दो माह का समय शेष बचा है। ऐसे में कमरों की सुविधा न होने से विद्यार्थियों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
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जीत सिंह, मुख्याध्यापक नालंगर स्कूल।
बजट जारी न होने से भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। शिक्षा विभाग ने भवन निर्माण कार्य के लिए 35 लाख रुपये का ही बजट ही मिला है। हालांकि निर्माण कार्य के लिए 39. 82 लाख रुपये का बजट स्वीकृ त हुआ था लेकिन पूरा बजट जारी न होने से निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है।
संजय कटोच, एसडीओ लोनिवि हमीरपुर।