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Hamirpur (Himachal) News: रास्ते के बीचोबीच बना दिया हिमकेयर और आयुष्मान का काउंटर
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डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में लगया हिम केयर काउंटर। संवाद
हमीरपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीजों को झेलनी पड़ रहीं दिक्कतें
काउंटर पर दिव्यांग मरीजों का मेडिकल बनाने का भी किया जा रहा है कार्य
लंबी कतार के कारण अन्य ओपीडी और वार्डों में जाने वाले मरीज हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए लगाया गया काउंटर मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। यह काउंटर नेत्र रोग वार्ड के साथ ही बना हुआ है। काउंटर के एक तरफ नेत्र रोग वार्ड तो दूसरी तरफ आपातकालीन वार्ड है। बीच में स्थित इस काउंटर में लगे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, अन्य ओपीडी वार्ड में जाने वाले मरीजों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि रास्ते के बीचोबीच लंबी कतारें लगी रहती हैं। ऐसे में उन्हें वहां से गुजरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी काउंटर पर दिव्यांग और अन्य लोगों के मेडिकल भी बनाए जाते हैं। ऐसे में उन लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। पूर्व में हिमकेयर और आयुष्मान कार्डों का कार्य एक कमरे में किया जाता था। अब इसको रास्ते के बीच स्थापित कर दिया गया है।
कोट
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि काउंटर वहां लगाए जाते हैं, जहां सभी की पहुंच आसान हो। अस्पताल में मरीजों की हर सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है।
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काउंटर पर दिव्यांग मरीजों का मेडिकल बनाने का भी किया जा रहा है कार्य
लंबी कतार के कारण अन्य ओपीडी और वार्डों में जाने वाले मरीज हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए लगाया गया काउंटर मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। यह काउंटर नेत्र रोग वार्ड के साथ ही बना हुआ है। काउंटर के एक तरफ नेत्र रोग वार्ड तो दूसरी तरफ आपातकालीन वार्ड है। बीच में स्थित इस काउंटर में लगे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, अन्य ओपीडी वार्ड में जाने वाले मरीजों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि रास्ते के बीचोबीच लंबी कतारें लगी रहती हैं। ऐसे में उन्हें वहां से गुजरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी काउंटर पर दिव्यांग और अन्य लोगों के मेडिकल भी बनाए जाते हैं। ऐसे में उन लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। पूर्व में हिमकेयर और आयुष्मान कार्डों का कार्य एक कमरे में किया जाता था। अब इसको रास्ते के बीच स्थापित कर दिया गया है।
कोट
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि काउंटर वहां लगाए जाते हैं, जहां सभी की पहुंच आसान हो। अस्पताल में मरीजों की हर सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है।
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