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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में नहीं हो रहे एक्स-रे व सीटी स्कैन
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के रेडियोलॉजी विभाग में न तो एक्सरे हो रहे हैं और न ही सीटी स्कैन की सुविधा है। मेडिकल कॉलेज की ये दोनों मशीनें करीब 1 सप्ताह से खराब पड़ी हैं। एक तो कोरोना के भय से लोग मुश्किल से अस्पताल पहुंच रहे हैं और ऊपर से अस्पताल में दोनों टेस्ट न होने के कारण उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इससे एक तो उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं संक्रमित होने का डर भी बना रहता है। बता दें कि अस्पताल में ये दोनों मशीनें आए दिन खराब हो रही हैं। इनकी एक बार की रिपेयर के लिए ही लाखों रुपये अस्पताल प्रबंधन खर्च कर रहा है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।
वहीं, मशीनें खराब होने के कारण बीपीएल एवं अन्य कार्ड धारकों के जो टेस्ट यहां निशुल्क होते हैं उनके लिए बाहरी लैबोरेटरी में उन्हें सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल के बाकायदा चक्कर भी लगाने पड़ रहे हैं। पर्ची बनवाने के बाद जब चिकित्सक ये टेस्ट लिखता है तो मरीज को मुख्य अस्पताल भवन से नए भवन की ओर आना पड़ता है, लेकिन सीटी स्कैन और एक्स-रे रूम के बाहर पहुंचते ही वहां दोनों मशीनें खराब होने के नोटिस देखकर मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ता है। लोगों में संजीव कुमार, रविकांत, पवन शर्मा आदि का कहना है कि दोनों मशीनें खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल में इन टेस्टों की सुविधा नहीं मिल रही है। बाहरी लैबोरेटरी में महंगे दामों पर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि दोनों मशीनें पुरानी होने के कारण इन में तकनीकी खराबी आ रही है। एक्स रे मशीन की रिपेयर तकनीशियन बुला कर करवाई जा रही है। सीटी स्कैन की नई मशीन खरीदने की प्रक्रिया चली हुई है।
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वहीं, मशीनें खराब होने के कारण बीपीएल एवं अन्य कार्ड धारकों के जो टेस्ट यहां निशुल्क होते हैं उनके लिए बाहरी लैबोरेटरी में उन्हें सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल के बाकायदा चक्कर भी लगाने पड़ रहे हैं। पर्ची बनवाने के बाद जब चिकित्सक ये टेस्ट लिखता है तो मरीज को मुख्य अस्पताल भवन से नए भवन की ओर आना पड़ता है, लेकिन सीटी स्कैन और एक्स-रे रूम के बाहर पहुंचते ही वहां दोनों मशीनें खराब होने के नोटिस देखकर मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ता है। लोगों में संजीव कुमार, रविकांत, पवन शर्मा आदि का कहना है कि दोनों मशीनें खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल में इन टेस्टों की सुविधा नहीं मिल रही है। बाहरी लैबोरेटरी में महंगे दामों पर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि दोनों मशीनें पुरानी होने के कारण इन में तकनीकी खराबी आ रही है। एक्स रे मशीन की रिपेयर तकनीशियन बुला कर करवाई जा रही है। सीटी स्कैन की नई मशीन खरीदने की प्रक्रिया चली हुई है।
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