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कोविड-19 आइसोलेशन सेंटर ने निर्धन मरीजों का ईलाज पर लगाई ब्रेक
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हमीरपुर। कोविड-19 आईसोलेशन सेंटर भोटा ने जिला हमीरपुर और ऊना के सैकड़ों मरीजों की सेहत खराब कर दी है। राधास्वामी सत्संग ब्यास चैरिटेबल अस्पताल भोटा पिछले दो दशक से हमीरपुर और ऊना के लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रहा था। लेकिन जब इस अस्पताल को कोविड-19 केयर सेंटर बनाया गया है, तब से यहां पर ओपीडी सेवाएं बिल्कुल बंद हैं।
चैरिटेबल अस्पताल में करीब 14 चिकित्सकों का स्टाफ है। इसके अलावा पैरा मेडिकल स्टाफ अलग से है। इस अस्पताल में हमीरपुर और ऊना से प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए आते हैं। चैरिटेबल अस्पताल की विशेषता है कि यहां पर मरीजों का चेकअप, ऑपरेशन और दवाइयां फ्री मिलती हैं।
यहां तक गंभीर बीमारियों का इलाज भी चंडीगढ़ से विशेषज्ञों चिकित्सकों की टीम को यहां पर लाकर किया जाता है। मरीजों को किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। लेकिन अप्रैल में भोटा अस्पताल को कोविड-19 केयर सेंटर बना गया। जिसके चलते 11 अप्रैल को ऊना जिला से कोरोना संक्रमित दो मरीजों को इस अस्पताल में भर्ती किया गया। क्षेत्र के लोगों जसप्रीत सिंह, जसविंद्र सिंह, प्रशोत्तम लाल, अशोक ठाकुर, वीरेंद्र सिंह, अनिरुद्ध सिंह, अनीता देवी, सुरेखा देवी और माया देवी ने कहा कि पिछले 20 दिनों से भोटा अस्पताल बंद है। जिसके चलते लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार, हमीरपुर के स्थानीय विधायक और जिला प्रशासन से कोविड19-केयर सेंटर को भोटा से मेडिकल कॉलेज हमीरपुर या अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग की है।
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चैरिटेबल अस्पताल में करीब 14 चिकित्सकों का स्टाफ है। इसके अलावा पैरा मेडिकल स्टाफ अलग से है। इस अस्पताल में हमीरपुर और ऊना से प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए आते हैं। चैरिटेबल अस्पताल की विशेषता है कि यहां पर मरीजों का चेकअप, ऑपरेशन और दवाइयां फ्री मिलती हैं।
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यहां तक गंभीर बीमारियों का इलाज भी चंडीगढ़ से विशेषज्ञों चिकित्सकों की टीम को यहां पर लाकर किया जाता है। मरीजों को किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। लेकिन अप्रैल में भोटा अस्पताल को कोविड-19 केयर सेंटर बना गया। जिसके चलते 11 अप्रैल को ऊना जिला से कोरोना संक्रमित दो मरीजों को इस अस्पताल में भर्ती किया गया। क्षेत्र के लोगों जसप्रीत सिंह, जसविंद्र सिंह, प्रशोत्तम लाल, अशोक ठाकुर, वीरेंद्र सिंह, अनिरुद्ध सिंह, अनीता देवी, सुरेखा देवी और माया देवी ने कहा कि पिछले 20 दिनों से भोटा अस्पताल बंद है। जिसके चलते लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार, हमीरपुर के स्थानीय विधायक और जिला प्रशासन से कोविड19-केयर सेंटर को भोटा से मेडिकल कॉलेज हमीरपुर या अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग की है।
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