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Hamirpur (Himachal) News: पीएचसी भोटा में 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाएं बंद, चार केंद्रों में नहीं बचे डाॅक्टर
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हमीरपुर। प्रदेश सरकार ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डेपुटेशन पर भेजे चिकित्सकों को वापस बुला लिया है। इसका प्रभाव अब उन केंद्रों पर पड़ रहा है जहां पर कोई भी चिकित्सक नहीं बचा है। पीएचसी भोटा में 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाओं को बंद कर दिया गया है। जिले में चार ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है जहां पर एक भी चिकित्सक नहीं है। ऐसे में अब वहां पर फार्मासिस्ट के हाथ में लोगों के स्वास्थ्य की डोर दे दी गई है। जिला में सुजानपुर के पीएचसी पटलांदर, चौरी, चकमोह व ननावां में एक भी चिकित्सक नहीं बचा है। अब यहां के लोगों को या तो सुजानपुर अस्पताल या अन्य पीएचसी की ओर रुख करना पड़ेगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डाॅक्टर न होने से अब मामूली सर्दी, जुकाम के इलाज के लिए भी लोगों को उपमंडल मुख्यालय पर स्थित सिविल अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज हमीरपुर का रुख करना पड़ेगा।
पीएचसी भोटा में 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाओं को भी तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया है। कारण यह है कि यहां पर दो चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर तैनात किए गए थे। कुल तीन चिकित्सक यहां पर अपनी सेवाएं दे रहे थे लेकिन अब दो को प्रतिनियुक्ति से हटा दिया गया है। अब वहां पर महज एक ही चिकित्सक बचा है। ऐसे में पूरा सप्ताह 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा पाना संभव नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने यहां पर पूरा सप्ताह 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं बंद कर दी हैं। अब सुबह साढ़े नौ बजे से शाम चार बजे तक यहां पर सेवाएं मिलेगीं। जबकि इस पीएचसी पर आसपास के 30 गांव निर्भर हैं।
कोट
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि उच्च अधिकारियों को इस विषय में अवगत करवा दिया गया है।
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पीएचसी भोटा में 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाओं को भी तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया है। कारण यह है कि यहां पर दो चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर तैनात किए गए थे। कुल तीन चिकित्सक यहां पर अपनी सेवाएं दे रहे थे लेकिन अब दो को प्रतिनियुक्ति से हटा दिया गया है। अब वहां पर महज एक ही चिकित्सक बचा है। ऐसे में पूरा सप्ताह 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा पाना संभव नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने यहां पर पूरा सप्ताह 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं बंद कर दी हैं। अब सुबह साढ़े नौ बजे से शाम चार बजे तक यहां पर सेवाएं मिलेगीं। जबकि इस पीएचसी पर आसपास के 30 गांव निर्भर हैं।
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कोट
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि उच्च अधिकारियों को इस विषय में अवगत करवा दिया गया है।