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Hamirpur (Himachal) News: बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में हमीरपुर और नादौन में हल्ला बोल
Fri, 13 Feb 2026 01:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 13 Feb 2026 01:02 AM IST
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नादौन में बिजली बोर्ड के कर्मचारी बिजली विधेयक का विरोध प्रदर्शन् करते हुए। स्रोत : संगठन
हमीरपुर, नादौन। बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति व बिजली बोर्ड कर्मचारियों की संयुक्त एक्शन कमेटी के आह्वान पर जिले में धरने प्रदर्शन हुए। प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में वीरवार को हमीरपुर और नादौन उपमंडल मुख्यालय में कार्यरत कर्मचारी व अभियंता, आउटर्सोस पेन डाउन व टूल डाउन स्ट्राइक पर रहे।
इस दौरान प्रस्तावित विधेयक के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की गई। पेंशनर जॉइंट एक्शन कमेटी, कर्मचारी, अभियंता, आउटर्सोस व पेंशनर जिला हमीरपुर के संयोजक कामेश्वर दत्त शर्मा की अध्यक्षता में मुख्य अभियंता परिसर मट्टनसिद्ध के कार्यालय के बाहर इकट्ठे हुए और धरना-प्रर्दशन किया। वहीं, नादौन के गगाल कांप्लेक्स में बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्धाज ने संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक-2025 कर्मचारी, पेंशनर्स, उपभोक्ता व राज्य विरोधी है और बिजली वितरण क्षेत्र के निजीकरण का रोडमैप है। जिला हमीरपुर के संयोजक कामेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक-2025 में ऐसे कई प्रावधान शामिल हैं, जिससे निजी कंपनियां बिजली बोर्ड के मुनाफे वाले क्षेत्रों में अपना व्यवसाय करेंगीं और कम राजस्व वाले क्षेत्र में बिजली पहुंचाने की जिम्मेवारी सरकारी बिजली कंपनी की रहेगी।
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इस विधेयक के लागू होने से घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को दी जाने वाली क्रॉस सब्सिडी खत्म हो जाएगी और बिजली दरों में कई गुना बढ़ोतरी होगी। प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक-2025 और उसके प्रावधानों को लागू करने के लिए की जा रही स्मार्ट मीटरिंग से किसानों, गरीब परिवारों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक झटका लगेगा।
स्मार्ट मीटरिंग से प्रदेश के उपभोक्ताओं पर इसके भारी भरकम खर्चे का बोझ पड़ेगा। इसके साथ प्रीपेड व्यवस्था से गरीब और सीमित आय वाले उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग से पहले भुगतान करने का दबाव होगा। कमेटी के वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बिजली बोर्ड का निजीकरण करने के बजाय कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए नई भर्ती की जाए।
कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। सेवानिवृत्ति के लाभों का तत्काल भुगतान करने की मांग भी दोहराई गई। इसके अलावा 10-12 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थाई नीति बनाई जाए।
इस दौरान धरना-प्रर्दशन में इंजीनियर शशिकांत, दीपक चौहान, पंकज राणा, अभिषेक धलारिया, राहुल कपिल, इंजीनियर डीएस डटवालिया, सीएस चंदेल, एके कतना, विजय शर्मा, जेके धीमान, जोगिंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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इस दौरान प्रस्तावित विधेयक के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की गई। पेंशनर जॉइंट एक्शन कमेटी, कर्मचारी, अभियंता, आउटर्सोस व पेंशनर जिला हमीरपुर के संयोजक कामेश्वर दत्त शर्मा की अध्यक्षता में मुख्य अभियंता परिसर मट्टनसिद्ध के कार्यालय के बाहर इकट्ठे हुए और धरना-प्रर्दशन किया। वहीं, नादौन के गगाल कांप्लेक्स में बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्धाज ने संबोधित किया।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक-2025 कर्मचारी, पेंशनर्स, उपभोक्ता व राज्य विरोधी है और बिजली वितरण क्षेत्र के निजीकरण का रोडमैप है। जिला हमीरपुर के संयोजक कामेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक-2025 में ऐसे कई प्रावधान शामिल हैं, जिससे निजी कंपनियां बिजली बोर्ड के मुनाफे वाले क्षेत्रों में अपना व्यवसाय करेंगीं और कम राजस्व वाले क्षेत्र में बिजली पहुंचाने की जिम्मेवारी सरकारी बिजली कंपनी की रहेगी।
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इस विधेयक के लागू होने से घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को दी जाने वाली क्रॉस सब्सिडी खत्म हो जाएगी और बिजली दरों में कई गुना बढ़ोतरी होगी। प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक-2025 और उसके प्रावधानों को लागू करने के लिए की जा रही स्मार्ट मीटरिंग से किसानों, गरीब परिवारों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक झटका लगेगा।
स्मार्ट मीटरिंग से प्रदेश के उपभोक्ताओं पर इसके भारी भरकम खर्चे का बोझ पड़ेगा। इसके साथ प्रीपेड व्यवस्था से गरीब और सीमित आय वाले उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग से पहले भुगतान करने का दबाव होगा। कमेटी के वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बिजली बोर्ड का निजीकरण करने के बजाय कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए नई भर्ती की जाए।
कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। सेवानिवृत्ति के लाभों का तत्काल भुगतान करने की मांग भी दोहराई गई। इसके अलावा 10-12 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थाई नीति बनाई जाए।
इस दौरान धरना-प्रर्दशन में इंजीनियर शशिकांत, दीपक चौहान, पंकज राणा, अभिषेक धलारिया, राहुल कपिल, इंजीनियर डीएस डटवालिया, सीएस चंदेल, एके कतना, विजय शर्मा, जेके धीमान, जोगिंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।

नादौन में बिजली बोर्ड के कर्मचारी बिजली विधेयक का विरोध प्रदर्शन् करते हुए। स्रोत : संगठन