{"_id":"65020e8c564aafa51f017bd7","slug":"growing-forests-will-bring-prosperity-to-human-life-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1008-8281-2023-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: मनुष्य जीवन में मंगल करेंगे बढ़ते जंगल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: मनुष्य जीवन में मंगल करेंगे बढ़ते जंगल
Thu, 14 Sep 2023 01:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 14 Sep 2023 01:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। ग्लोबल वार्मिंग के खतरे से विश्व जूझ रहा है। बढ़ता हुए पृथ्वी के तापमान से भविष्य में मनुष्य जीवन भी खतरा में है। मगर सभी एक जुट होकर अगर पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण करने के दिशा में काम करें, तो यह जंगल मनुष्य जीवन में मंगल कर सकते हैं। ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को भांपते हुए हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने भी हरित क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
इसी के तहत वन विभाग हमीरपुर ने लगभग दो वर्षों में 350 हेक्टेयर से ज्यादा वन क्षेत्र में पौधरोपण किया है। वर्ष 2022 की तुलना में इस बार वन विभाग ने 32 हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में पौधरोपण किया है, जबकि पिछले साल यह 160 हेक्टेयर क्षेत्र था। इस बार मानसून सीजन में वन विभाग ने 192 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के 93,990 पौधे रोपे हैं। 123 हेक्टेयर पर बड़े पेड़, जबकि 69 हेक्टेयर क्षेत्र में सामान्य प्रजाति के पेड़ों के पौधे लगाए गए हैं।
रोपे गए कुल 93,990 पौधों में 61,290 पौधे सामान्य प्रजाति और 32,700 पौधे बड़े वृक्ष के पौधे शामिल हैं। पौधरोपण करने के बाद अब वन विभाग तारबंदी (फेंसिंग) का कार्य करवा रहा है, ताकि जंगलों में रोपे इन छोटे पौधों को जानवरों से बचाया जा सके। वहीं, विभाग ने सभी रेंज अफसरों और बीओ को तारबंदी का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
इस बार कम हुआ जंगलों को नुकसान
इस बार समय से पहले बारिश का दौर शुरू होने से जंगलों में अग्निकांड के बहुत कम मामले सामने आए हैं। वन संपदा को पिछले वर्षों की तुलना में बहुत कम नुकसान पहुंचा है, जो सुखद पहलु है। बारिश के कारण 70 फीसदी से अधिक फायदा हुआ है। जबकि नुकसान की दर 30 फीसदी के आसपास रही है। वहीं, कोविड काल में भी जंगल हरे-भरे रहने से हरित क्षेत्र में वृद्धि हुई है।
नुकसान से जलवायु परिवर्तन
जंगलों में लगाए जाने वाले पौधों को सबसे अधिक नुकसान आग और जानवरों से होता है। इसके अलावा जंगलों में अंधाधुंध कटान के कारण मौसम में बड़े बदलाव नजर आ रहे हैं। जलवायु परिर्वतन से कई बार अत्याधिक गर्मी से सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। वहीं कई बार बेमौसमी बरसात हो रही है। इससे पर्यावरण और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चिंतित हैं।
डीएफओ हमीरपुर राकेश कुमार ने कहा कि वन विभाग हमीरपुर ने इस सीजन में 192 हेक्टेयर में पौधरोपण किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 32 हेक्टेयर अधिक है। विभाग ने इस बार 93,990 पौधे रोपे हैं। इसमें 61,290 पौधे सामान्य प्रजाति और 32,700 पौधे बड़े वृक्षों के रोपे गए हैं।
विज्ञापन
इसी के तहत वन विभाग हमीरपुर ने लगभग दो वर्षों में 350 हेक्टेयर से ज्यादा वन क्षेत्र में पौधरोपण किया है। वर्ष 2022 की तुलना में इस बार वन विभाग ने 32 हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में पौधरोपण किया है, जबकि पिछले साल यह 160 हेक्टेयर क्षेत्र था। इस बार मानसून सीजन में वन विभाग ने 192 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के 93,990 पौधे रोपे हैं। 123 हेक्टेयर पर बड़े पेड़, जबकि 69 हेक्टेयर क्षेत्र में सामान्य प्रजाति के पेड़ों के पौधे लगाए गए हैं।
विज्ञापन
रोपे गए कुल 93,990 पौधों में 61,290 पौधे सामान्य प्रजाति और 32,700 पौधे बड़े वृक्ष के पौधे शामिल हैं। पौधरोपण करने के बाद अब वन विभाग तारबंदी (फेंसिंग) का कार्य करवा रहा है, ताकि जंगलों में रोपे इन छोटे पौधों को जानवरों से बचाया जा सके। वहीं, विभाग ने सभी रेंज अफसरों और बीओ को तारबंदी का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
इस बार कम हुआ जंगलों को नुकसान
इस बार समय से पहले बारिश का दौर शुरू होने से जंगलों में अग्निकांड के बहुत कम मामले सामने आए हैं। वन संपदा को पिछले वर्षों की तुलना में बहुत कम नुकसान पहुंचा है, जो सुखद पहलु है। बारिश के कारण 70 फीसदी से अधिक फायदा हुआ है। जबकि नुकसान की दर 30 फीसदी के आसपास रही है। वहीं, कोविड काल में भी जंगल हरे-भरे रहने से हरित क्षेत्र में वृद्धि हुई है।
नुकसान से जलवायु परिवर्तन
जंगलों में लगाए जाने वाले पौधों को सबसे अधिक नुकसान आग और जानवरों से होता है। इसके अलावा जंगलों में अंधाधुंध कटान के कारण मौसम में बड़े बदलाव नजर आ रहे हैं। जलवायु परिर्वतन से कई बार अत्याधिक गर्मी से सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। वहीं कई बार बेमौसमी बरसात हो रही है। इससे पर्यावरण और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चिंतित हैं।
डीएफओ हमीरपुर राकेश कुमार ने कहा कि वन विभाग हमीरपुर ने इस सीजन में 192 हेक्टेयर में पौधरोपण किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 32 हेक्टेयर अधिक है। विभाग ने इस बार 93,990 पौधे रोपे हैं। इसमें 61,290 पौधे सामान्य प्रजाति और 32,700 पौधे बड़े वृक्षों के रोपे गए हैं।