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Hamirpur (Himachal) News: सफेद हाथी बनी जीएमसी की सेंटर लैब, नहीं हो पा रहे मरीजों के टेस्ट
Sun, 02 Mar 2025 10:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 02 Mar 2025 10:34 PM IST
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चंबा मेडिकल कॉलेज।संवाद
चंबा। पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में शाम 4:00 बजे के बाद मरीजों के सीबीसी टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के सेंटर लैब की टेस्टिंग मशीन चार दिनों से खराब पड़ी है। इससे उपचाराधीन मरीजों को निजी लैबों में महंगे दामों पर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।
सुबह से दोपहर तक अस्पताल की लैब में मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं, लेकिन शाम 4:00 बजे के बाद सेंटर लैब में होने वाले सीबीसी टेस्ट मशीन खराब होने के कारण बंद हैं। इससे मरीजों को 200 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। सीबीसी टेस्ट एक सामान्य रक्त परीक्षण है, जो शरीर में खून की विभिन्न कोशिकाओं की संख्या और सेहत की जानकारी देता है।
यह टेस्ट डॉक्टरों को कई बीमारियों का पता लगाने और मरीज की सेहत का आकलन करने में मदद करता है। इस टेस्ट से हीमोग्लोबिन और रेड ब्लड सेल्स की संख्या से एनीमिया का पता चलता है। इसके अलावा वाइट ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ने से शरीर में संक्रमण होने का संकेत मिलता है। इसके अलावा असामान्य रक्त कोशिकाओं की संख्या से ब्लड डिसऑर्डर या कैंसर की संभावना आंकी जाती है।
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उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि सेंटर लैब में खराब मशीन को जल्द ठीक करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
क्या बोले, मरीज और तीमारदार
- अस्पताल में भर्ती मरीजों के सभी टेस्ट यहीं होने चाहिए, लेकिन मशीन खराब होने के कारण हमें निजी लैबों में जाना पड़ रहा है। -अंजना कुमारी, ब्रंगाल
पत्नी को प्रसव करवाने के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज लाए, लेकिन सीबीसी टेस्ट निजी लैब में करवाना पड़ा। इससे काफी दिक्कत हुई। -सतपाल, चुराह
पत्नी अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर ने सीबीसी टेस्ट लिखा, लेकिन सेंटर लैब में मना कर दिया गया। मजबूरन निजी लैब में जाना पड़ा। -दलीप कुमार
परिवार का सदस्य अस्पताल में उपचाराधीन है। टेस्ट करवाने सेंटर लैब में गए लेकिन नहीं हुआ। फिर बाहर जाकर टेस्ट करवाना पड़ा। -रेशो
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सुबह से दोपहर तक अस्पताल की लैब में मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं, लेकिन शाम 4:00 बजे के बाद सेंटर लैब में होने वाले सीबीसी टेस्ट मशीन खराब होने के कारण बंद हैं। इससे मरीजों को 200 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। सीबीसी टेस्ट एक सामान्य रक्त परीक्षण है, जो शरीर में खून की विभिन्न कोशिकाओं की संख्या और सेहत की जानकारी देता है।
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यह टेस्ट डॉक्टरों को कई बीमारियों का पता लगाने और मरीज की सेहत का आकलन करने में मदद करता है। इस टेस्ट से हीमोग्लोबिन और रेड ब्लड सेल्स की संख्या से एनीमिया का पता चलता है। इसके अलावा वाइट ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ने से शरीर में संक्रमण होने का संकेत मिलता है। इसके अलावा असामान्य रक्त कोशिकाओं की संख्या से ब्लड डिसऑर्डर या कैंसर की संभावना आंकी जाती है।
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उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि सेंटर लैब में खराब मशीन को जल्द ठीक करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
क्या बोले, मरीज और तीमारदार
- अस्पताल में भर्ती मरीजों के सभी टेस्ट यहीं होने चाहिए, लेकिन मशीन खराब होने के कारण हमें निजी लैबों में जाना पड़ रहा है। -अंजना कुमारी, ब्रंगाल
पत्नी को प्रसव करवाने के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज लाए, लेकिन सीबीसी टेस्ट निजी लैब में करवाना पड़ा। इससे काफी दिक्कत हुई। -सतपाल, चुराह
पत्नी अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर ने सीबीसी टेस्ट लिखा, लेकिन सेंटर लैब में मना कर दिया गया। मजबूरन निजी लैब में जाना पड़ा। -दलीप कुमार
परिवार का सदस्य अस्पताल में उपचाराधीन है। टेस्ट करवाने सेंटर लैब में गए लेकिन नहीं हुआ। फिर बाहर जाकर टेस्ट करवाना पड़ा। -रेशो