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सात्विक भोजन के सेवन से नहीं होगी कोई बीमारी : डॉ. अनिल
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हमीरपुर। उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत आय वृद्धि एवं स्वरोजगार की संभावनाएं विषय पर आयोजित शिविर रविवार को संपन्न हो गया। अखिल भारतीय अनुसंधान परियोजना केंद्र सोलन के सौजन्य से ग्राम पंचायत करेर में प्रसंस्करण की ओर से आय वृद्धि एवं स्वरोजगार की संभावनाएं विषय पर यह शिविर आयोजित किया गया। जिसमें 50 किसानों, बागवानों एवं महिलाओं ने भाग लिया। शिविर के समापन समारोह पर पंचायत प्रधान सुदर्शन शर्मा ने आयोजक डॉ. अनिल कुमार वर्मा और उनके साथी एनके भाटिया व रिसर्चर शिवानी, प्रियंका, मोहित, अविनाश व चाहत का धन्यवाद किया।
डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि अगर हम सात्विक भोजन का सेवन करेंगे तो कभी बीमार नहीं हो सकते। आज युवा पीढ़ी नशे की तरफ अग्रसर होती जा रही है, जिससे भविष्य की परिस्थितियां खराब हो सकती हैं। समय रहते हमें अपने युवा वर्ग को इन बुराइयों से बचाना होगा। मुख्य रूप से उपस्थित रहे डॉ. आरसी शर्मा ने कहा कि हम अगर विभाग की ओर से बताए गए उत्पादों को अपनी जीवन शैली में उतारेंगे तो निश्चित ही हमें उनका लाभ मिलेगा और आय में भी वृद्धि होगी। शिविर में गाजर, गोभी, लहसुन, शलगम, नींबू के अचार की विधियों के बारे में बताया गया और इसी तरह नींबू की शिकंजबी, सेब की चटनी, सेब का जैम बनाने की विधियां लोगों को बताईं गईं।
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डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि अगर हम सात्विक भोजन का सेवन करेंगे तो कभी बीमार नहीं हो सकते। आज युवा पीढ़ी नशे की तरफ अग्रसर होती जा रही है, जिससे भविष्य की परिस्थितियां खराब हो सकती हैं। समय रहते हमें अपने युवा वर्ग को इन बुराइयों से बचाना होगा। मुख्य रूप से उपस्थित रहे डॉ. आरसी शर्मा ने कहा कि हम अगर विभाग की ओर से बताए गए उत्पादों को अपनी जीवन शैली में उतारेंगे तो निश्चित ही हमें उनका लाभ मिलेगा और आय में भी वृद्धि होगी। शिविर में गाजर, गोभी, लहसुन, शलगम, नींबू के अचार की विधियों के बारे में बताया गया और इसी तरह नींबू की शिकंजबी, सेब की चटनी, सेब का जैम बनाने की विधियां लोगों को बताईं गईं।
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