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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Four lane construction company fined Rs 1.30 lakh for illegal dumping

Hamirpur (Himachal) News: फोरलेन निर्माण कंपनी को अवैध डंपिंग पर 1़ 30 लाख रुपये का जुर्माना

Thu, 24 Jul 2025 12:51 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Thu, 24 Jul 2025 12:51 AM IST
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हमीरपुर। निर्माणाधीन शिमला-मटौर फोरलेन के चीलबाहल-कोहली टूलेन पैच पर अवैज्ञानिक तरीके से 90 डिग्री की सीध में किए पहाड़ी के कटान, कुणाह खड्ड और सरकारी जमीन में अवैध डपिंग पर वन विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने एफसीए में मंजूर निर्धारित डपिंग साइट विकसित न करने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए 1़ 30 लाख की डैमेज रिपोर्ट (डीआर) काटी है।
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विभाग की ओर से निर्माण कंपनी को हिदायत दी गई है कि यदि दोबारा कोताही बरती गई तो वन संपदा को नुकसान पहुंचाने पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। बीते वीरवार को अमर उजाला ने ब्लास्टिंग से थर्राई मसयाणा की पहाड़ी डंपिंग से खड्ड का रुका बहाव शीर्षक से प्रमुखता से इस मामले को प्रकाशित किया था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर निर्माण कार्य को रुकवा दिया था।
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अब लंबी पड़ताल के बाद डैमेज रिपोर्ट तैयार कर कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। ब्लास्टिंग के मलबे को सीधा कुणाह खड्ड में डंप किए जाने की वन विभाग की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है। इसके अलावा सरकारी जमीन में भारी मात्रा में मलबा डंप किया गया है। इतना ही नहीं एफसीए में मंजूर डंपिंग साइट को यहां पर विकसित नहीं किया गया था। चीलबाहल से लेकर कुणाह तक कुल 11 डंपिंग साइट मंजूर थीं, लेकिन महज दो साइट को विकसित किया गया था।
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यहां पर भी क्षमता से अधिक मलबा डंप हुआ था। मसयाणा पहाड़ी के साथ बरसात के बीच ही ब्लास्टिंग से सड़क निर्माण के मलबे को सीधा कुणाह में डंप करने के पुख्ता सबूत जांच में मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

मसयाणा के जंगल के बचाव को उठाने होंगे कदम
एनएचएआई और निर्माण कंपनी को वन विभाग की ओर से हिदायत दी गई है कि 90 डिग्री की सीध में काटी की मसयाणा पहाड़ी के जंगल को यदि नुकसान होता है तो इसके लिए वह जिम्मेवार होंगे। यहां पर क्रेटवाल लगाकर जंगल का बचाव करने के निर्देश भी दिए गए हैं।



कोट
कुणाह खड्ड में ब्लास्टिंग से मलबा डंप हुआ है। बड़े-बड़े पत्थर और मलबा सड़क में फेंका गया है। इसके अलावा सरकारी जमीन में डंपिंग और उचित संख्या में डंपिंग साइट विकसित न किए जाने पर कंपनी को 1.30 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

-अंकित सिंह, डीएफओ, हमीरपुर
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