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Hamirpur (Himachal) News: भजन-कीर्तन के साथ आज होगी झंडा चढ़ाने की रस्म
Mon, 14 Apr 2025 12:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 14 Apr 2025 12:22 AM IST
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जाहू (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज की बाहन्वीं पंचायत के झंडवीं गांव में आज भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजक एवं सेवानिवृत्त कला अध्यापक कश्मीर सिंह, सुमन, सुरेंद्र कुमार, स्वरूप कुमार, रिखी राम, अशोक कुमार, मनोहर लाल आदि ने कहा कि गांव में बने बाबा लखमीर दास के मंदिर में लोगों की विशेष आस्था है। स्थानीय रागी भजन-कीर्तन करेंगे तथा 14 अप्रैल को 11:30 बजे झंडा चढ़ाने की रस्म अदा की जाएगी। इस बार स्थानीय युवक की सरकारी नौकरी लगने की मन्नत पूरी हुई है। इस खुशी पर परिवार झंडा चढ़ाने व भंडारे का आयोजन कर रहा है। यहां पर हमीरपुर, मंडी व बिलासपुर जिला के लोग अपनी आस्था लेकर आते हैं और दिनभर मंदिर में भीड़ रहती है।
इसलिए रखा गया गांव का नाम झंडवीं
गुरु नानक देव के वंशज गुरु गोबिंद सिंह के छोटे भाई बाबा लखमीर दास की चमत्कारी घटनाएं व करिश्मे आज भी लोगों को याद है। यह बात लगभग 400 वर्ष पुरानी है। बाबा लखमीर दास गर्मियों के मौसम में पहाड़ी क्षेत्र की यात्रा पर अपने भक्तों के साथ आते थे। गांव-गांव ठहरकर झंडा गाड़कर भजन-कीर्तन के साथ लोगों को अपना आशीर्वाद देते थे। इसी तरह यहां पर भी झंडा गाड़कर अपने अनुयायियों के साथ रात्रि ठहराव कर भजन-कीर्तन किया करते थे। इसी पर बाद में गांव का नाम झंडवीं रखा गया। ग्रामीणों ने झंडवीं में बाबा लखबीर दास के सुंदर मंदिर का निर्माण किया है।
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इसलिए रखा गया गांव का नाम झंडवीं
गुरु नानक देव के वंशज गुरु गोबिंद सिंह के छोटे भाई बाबा लखमीर दास की चमत्कारी घटनाएं व करिश्मे आज भी लोगों को याद है। यह बात लगभग 400 वर्ष पुरानी है। बाबा लखमीर दास गर्मियों के मौसम में पहाड़ी क्षेत्र की यात्रा पर अपने भक्तों के साथ आते थे। गांव-गांव ठहरकर झंडा गाड़कर भजन-कीर्तन के साथ लोगों को अपना आशीर्वाद देते थे। इसी तरह यहां पर भी झंडा गाड़कर अपने अनुयायियों के साथ रात्रि ठहराव कर भजन-कीर्तन किया करते थे। इसी पर बाद में गांव का नाम झंडवीं रखा गया। ग्रामीणों ने झंडवीं में बाबा लखबीर दास के सुंदर मंदिर का निर्माण किया है।
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