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Hamirpur (Himachal) News: मक्के की फसल को लगा फॉल आर्मी वर्म कीड़ा, किसान परेशान
Wed, 09 Jul 2025 05:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 09 Jul 2025 05:03 AM IST
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कांगू में मक्की की फसल की जांच करते कृषि विभाग के अधकारी। स्रोत : कृषि विभाग
कृषि विभाग की टीमें कर रहीं फसल की जांच, किसानों को भी कर रही जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मक्के की फसल पर फॉल आर्मी वर्म का संक्रमण फैलने से 10 फीसदी फसल खराब हो गई है। यह कीड़ा रातों रात मक्के के पौधों को चट कर रहा है। इस कारण जिले के सभी ब्लॉकों में फसल प्रभावित हो रही है। इससे किसान परेशान हैं।
हमीरपुर जिले में करीब 28 हजार हेक्टेयर भूमि पर मक्के की फसल बीजी गई है। इस कीट के संक्रमण की निगरानी के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों की एक टीम का गठन किया है। टीम में कृषि विज्ञान केंद्र के कीट विज्ञान विषयवाद विशेषज्ञ, जिला कृषि अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी, आतमा परियोजना के उप परियोजना निदेशक और ब्लॉक स्तर पर विषयवाद विशेषज्ञ को शामिल किया गया है। ये अधिकारी नियमित रूप से फसल का निरीक्षण कर रहे हैं और कीट की पहचान, लक्षण और प्रबंधन के बारे में किसानों को जागरूक कर रहे हैं। मंगलवार को भी जिला कृषि अधिकारी की टीम ने कांगू में मक्के की फसल की जांच की।
क्या है फॉल आर्मी वर्म
फॉल आर्मी वर्म नामक कीड़ा मक्के के पौधों के लिए काफी घातक है। इस कीड़े का प्रमुख भोजन मक्का ही है। यह कीड़ा अपने भोजन की तलाश के लिए एक रात में एक हजार किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। फॉल आर्मी वर्म नामक मादा कीड़ा अपने चार से पांच दिन के जीवन काल में लगभग एक हजार अंडे देती है। इस कीट की सुंडी अवस्था मक्की की पत्तियों, पत्ती गोभ (भंवर) तथा तने को नुकसान पहुंचाकर फसल को पूरी तरह से नष्ट कर देती है। प्रारंभिक अवस्था में यह कीट पत्तों पर सूई जैसे छोटे-छोटे छेद करता है, जो बाद में बड़े अनियमित सुराखों में बदल जाते हैं। सुंडियां गोभ के अंदर छिपकर पत्तियों को खाती हैं तथा कई बार तने में घुसकर उसे खोखला कर देती हैं, जिससे पौधा मर जाता है।
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बॉक्स
इस तरह होगा बचाव
इसका प्रकोप 10 प्रतिशत से कम हो तो पांच मिलिलीटर नीम आधारित कीटनाशी प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। कीटग्रस्त पौधों को खेत से निकालकर गड्ढे में दबाकर नष्ट करें। यदि प्रकोप 10 प्रतिशत से अधिक हो तो 0.4 ग्राम एमामैक्टिन बेंजोएट पांच एसजी प्रति लीटर पानी, 0.4 मिलिलीटर स्पाइनेतोरम 11.7 एससी प्रति लीटर पानी, 0.4 मिलिलीटर क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 18.5 एससी (कोराजन) प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
कोट
-पांच से दस फीसदी फसल पर फॉल आर्मी वर्म का संक्रमण दिख रहा है। किसानों को कीट से बचाव के लिए उचित सलाह दी जा रही है।-राजेश राणा, जिला कृषि अधिकारी
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हमीरपुर। मक्के की फसल पर फॉल आर्मी वर्म का संक्रमण फैलने से 10 फीसदी फसल खराब हो गई है। यह कीड़ा रातों रात मक्के के पौधों को चट कर रहा है। इस कारण जिले के सभी ब्लॉकों में फसल प्रभावित हो रही है। इससे किसान परेशान हैं।
हमीरपुर जिले में करीब 28 हजार हेक्टेयर भूमि पर मक्के की फसल बीजी गई है। इस कीट के संक्रमण की निगरानी के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों की एक टीम का गठन किया है। टीम में कृषि विज्ञान केंद्र के कीट विज्ञान विषयवाद विशेषज्ञ, जिला कृषि अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी, आतमा परियोजना के उप परियोजना निदेशक और ब्लॉक स्तर पर विषयवाद विशेषज्ञ को शामिल किया गया है। ये अधिकारी नियमित रूप से फसल का निरीक्षण कर रहे हैं और कीट की पहचान, लक्षण और प्रबंधन के बारे में किसानों को जागरूक कर रहे हैं। मंगलवार को भी जिला कृषि अधिकारी की टीम ने कांगू में मक्के की फसल की जांच की।
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क्या है फॉल आर्मी वर्म
फॉल आर्मी वर्म नामक कीड़ा मक्के के पौधों के लिए काफी घातक है। इस कीड़े का प्रमुख भोजन मक्का ही है। यह कीड़ा अपने भोजन की तलाश के लिए एक रात में एक हजार किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। फॉल आर्मी वर्म नामक मादा कीड़ा अपने चार से पांच दिन के जीवन काल में लगभग एक हजार अंडे देती है। इस कीट की सुंडी अवस्था मक्की की पत्तियों, पत्ती गोभ (भंवर) तथा तने को नुकसान पहुंचाकर फसल को पूरी तरह से नष्ट कर देती है। प्रारंभिक अवस्था में यह कीट पत्तों पर सूई जैसे छोटे-छोटे छेद करता है, जो बाद में बड़े अनियमित सुराखों में बदल जाते हैं। सुंडियां गोभ के अंदर छिपकर पत्तियों को खाती हैं तथा कई बार तने में घुसकर उसे खोखला कर देती हैं, जिससे पौधा मर जाता है।
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इस तरह होगा बचाव
इसका प्रकोप 10 प्रतिशत से कम हो तो पांच मिलिलीटर नीम आधारित कीटनाशी प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। कीटग्रस्त पौधों को खेत से निकालकर गड्ढे में दबाकर नष्ट करें। यदि प्रकोप 10 प्रतिशत से अधिक हो तो 0.4 ग्राम एमामैक्टिन बेंजोएट पांच एसजी प्रति लीटर पानी, 0.4 मिलिलीटर स्पाइनेतोरम 11.7 एससी प्रति लीटर पानी, 0.4 मिलिलीटर क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 18.5 एससी (कोराजन) प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
कोट
-पांच से दस फीसदी फसल पर फॉल आर्मी वर्म का संक्रमण दिख रहा है। किसानों को कीट से बचाव के लिए उचित सलाह दी जा रही है।-राजेश राणा, जिला कृषि अधिकारी

कांगू में मक्की की फसल की जांच करते कृषि विभाग के अधकारी। स्रोत : कृषि विभाग