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Hamirpur (Himachal) News: चार साल बाद भी पूरी क्षमता से नहीं चल पाया माड़ी का ओवरहेड टैंक
Fri, 04 Sep 2026 01:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 04 Sep 2026 01:17 AM IST
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बढेडा में बनाया ओवरहैड टैंक। स्रोत : जागरूक पाठक
नादौन (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत बढ़ेडा के माड़ी में लाखों रुपये की लागत से करीब चार वर्ष पहले बनाया गया ओवरहेड टैंक अब तक पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पाया है।
जल शक्ति विभाग ने टैंक तक राइजिंग मेन लाइन बिछाने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था से काम चलाया, जो पर्याप्त साबित नहीं हुई। इससे क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
उठाऊ पेयजल योजना बलेटा कलां करीब 50 वर्षों से संचालित है और इससे 12 से 15 गांवों को पानी मिलता है। पुरानी योजना की क्षमता कम होने के कारण ग्रामीणों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा था।
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समस्या के समाधान के लिए विभाग ने माड़ी में ओवरहेड टैंक बनाया, लेकिन स्रोत से जोड़ने के लिए आवश्यक राइजिंग मेन लाइन समय पर नहीं बिछाई जा सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के कई परिवार इसी योजना पर निर्भर हैं और कुछ घरों के आसपास हैंडपंप या पानी का अन्य स्रोत भी उपलब्ध नहीं है। यदि टैंक को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए, तो पेयजल समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
जल शक्ति विभाग धनेटा के सहायक अभियंता नीरज वैद्य ने कहा कि बिजली बोर्ड को 10 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। बिजली का कार्य पूरा होने के बाद टैंक से लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फिलहाल बढ़ेडा, माड़ी और जमनवाहल गांवों को ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है और अन्य गांवों में भी जल्द आपूर्ति बहाल की जाएगी।
कोट :
जल शक्ति विभाग से करीब एक माह पहले 10 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। टेंडर आवंटित होने के बाद कार्य पूरा कर बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाया जाएगा। -किशोरी लाल, सहायक अभियंता, बिजली बोर्ड धनेटा
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जल शक्ति विभाग ने टैंक तक राइजिंग मेन लाइन बिछाने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था से काम चलाया, जो पर्याप्त साबित नहीं हुई। इससे क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
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उठाऊ पेयजल योजना बलेटा कलां करीब 50 वर्षों से संचालित है और इससे 12 से 15 गांवों को पानी मिलता है। पुरानी योजना की क्षमता कम होने के कारण ग्रामीणों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा था।
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समस्या के समाधान के लिए विभाग ने माड़ी में ओवरहेड टैंक बनाया, लेकिन स्रोत से जोड़ने के लिए आवश्यक राइजिंग मेन लाइन समय पर नहीं बिछाई जा सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के कई परिवार इसी योजना पर निर्भर हैं और कुछ घरों के आसपास हैंडपंप या पानी का अन्य स्रोत भी उपलब्ध नहीं है। यदि टैंक को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए, तो पेयजल समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
जल शक्ति विभाग धनेटा के सहायक अभियंता नीरज वैद्य ने कहा कि बिजली बोर्ड को 10 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। बिजली का कार्य पूरा होने के बाद टैंक से लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फिलहाल बढ़ेडा, माड़ी और जमनवाहल गांवों को ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है और अन्य गांवों में भी जल्द आपूर्ति बहाल की जाएगी।
कोट :
जल शक्ति विभाग से करीब एक माह पहले 10 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। टेंडर आवंटित होने के बाद कार्य पूरा कर बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाया जाएगा। -किशोरी लाल, सहायक अभियंता, बिजली बोर्ड धनेटा