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Hamirpur (Himachal) News: एंडोस्कोपी करवाने के लिए जाना पड़ रहा शिमला
Tue, 12 Nov 2024 02:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 12 Nov 2024 02:18 AM IST
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हमीरपुर। जिला में किसी भी मरीज को अगर एंडोस्कोपी करवानी हो तो उसे मजबूरन निजी अस्पताल की ओर ही रुख करना पड़ता है, क्योंकि जिला के किसी भी सरकारी अस्तपाल में एंडोस्कोपी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
एंडोस्कोपी एक लचीली ट्यूब का उपयोग करके शरीर के अंदर देखने का एक तरीका है, जिसके अंत में एक छोटा कैमरा और प्रकाश होता है। इस उपकरण को एंडोस्कोप कहा जाता है। पेट के कैंसर जैसी स्थितियों व इंनफेक्शन आदि की स्थिति के लिए यह एंडोस्कोपी की जाती है। सामान्य पेट की समस्याओं के लिए गैस्ट्रो विभाग की ओपीडी होती है, लेकिन जिला के किसी भी विभाग में यह सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को एंडोस्कोपी की सुविधा भी नहीं मिलती। ऐसे में पेट के मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है।
वहीं, मरीजों को पेट की समस्याओं से निदान पाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मरीजों में दिनेश, राकेश, राहुल, सुनील, गौरव, अरुण, विश्वजीत आदि ने कहा कि जिला के किसी भी अस्पताल में एंडोस्कोपी की सुविधा उपलब्ध नहीं है और निजी अस्पतालों में एंडोस्कोपी 4000 से 5000 रुपये की हो रही है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। जिला में मेडिकल कॉलेज भी बन गया है, लेकिन अभी तक यहां पर भी यह सुवधिा नहीं है, जिस कारण समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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वहीं, इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉॅ. रमेश भारती ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में अभी यह सुवधिा नहीं है।
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एंडोस्कोपी एक लचीली ट्यूब का उपयोग करके शरीर के अंदर देखने का एक तरीका है, जिसके अंत में एक छोटा कैमरा और प्रकाश होता है। इस उपकरण को एंडोस्कोप कहा जाता है। पेट के कैंसर जैसी स्थितियों व इंनफेक्शन आदि की स्थिति के लिए यह एंडोस्कोपी की जाती है। सामान्य पेट की समस्याओं के लिए गैस्ट्रो विभाग की ओपीडी होती है, लेकिन जिला के किसी भी विभाग में यह सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को एंडोस्कोपी की सुविधा भी नहीं मिलती। ऐसे में पेट के मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है।
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वहीं, मरीजों को पेट की समस्याओं से निदान पाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मरीजों में दिनेश, राकेश, राहुल, सुनील, गौरव, अरुण, विश्वजीत आदि ने कहा कि जिला के किसी भी अस्पताल में एंडोस्कोपी की सुविधा उपलब्ध नहीं है और निजी अस्पतालों में एंडोस्कोपी 4000 से 5000 रुपये की हो रही है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। जिला में मेडिकल कॉलेज भी बन गया है, लेकिन अभी तक यहां पर भी यह सुवधिा नहीं है, जिस कारण समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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वहीं, इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉॅ. रमेश भारती ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में अभी यह सुवधिा नहीं है।