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Hamirpur (Himachal) News: पुरानी पेंशन की मांग पर गरजे बिजली बोर्ड के कर्मी
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विभिन्न श्रेणियों के 9,000 पदों को भरने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने हमीरपुर में सोमवार को धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि बिजली बोर्ड में 1030 टी-मेट और हेल्पर श्रेणी के मई 2023 में भर्ती के लिए स्वीकृत पदों को 18 माह का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी नहीं भरा गया है। बिजली बोर्ड में विभिन्न श्रेणियों के लगभग 9,000 पद खाली पड़े हैं। इन पदों को शीघ्र पदोन्नति और सीधी भर्ती से भरने की मांग को लेकर दर्शन किया गया।
प्रदर्शन में अभियंताओं, कर्मचारियों और पेंशनरों ने भाग लिया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं कामेश्वर शर्मा, मनेश, राजेश, मनोहर, दीपक, विजय, अशोक आदि ने कहा कि बिजली बोर्ड में सुधारों के नाम पर बनाई गई कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों के तहत 51 अभियंताओं के कार्यात्मक पदों के साथ 81 आउटसोर्स चालकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। ये पिछले 10-12 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने मांग की है कि खत्म किए गए पदों के साथ-साथ आउटसोर्स चालकों की सेवाएं बहाल की जाएं। प्रदेश सरकार की ओर से गठित सब कमेटी की ओर से दी गई सिफारिशों पर दोबारा विचार किया जाए।
6,500 कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल नहीं
वक्ता दीपक ने कहा कि वर्ष 2010 में बिजली बोर्ड के दोबारा गठन के समय प्रदेश सरकार, कर्मचारी व अभियंता ज्वाइंट फ्रंट के बीच हुए समझौते का पालन किया जाए। बिजली बोर्ड से कोई भी संपत्ति किसी दूसरे उपक्रम में स्थानांतरित न की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी बिजली बोर्ड में लगभग 6,500 कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई है जबकि 48 करोड़ रुपये एनएसडीएल के पास एम्पलायर शेयर के रूप में जा रहा है। बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन लागू न होना कर्मचारियों के साथ भेदभाव है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने हमीरपुर में सोमवार को धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि बिजली बोर्ड में 1030 टी-मेट और हेल्पर श्रेणी के मई 2023 में भर्ती के लिए स्वीकृत पदों को 18 माह का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी नहीं भरा गया है। बिजली बोर्ड में विभिन्न श्रेणियों के लगभग 9,000 पद खाली पड़े हैं। इन पदों को शीघ्र पदोन्नति और सीधी भर्ती से भरने की मांग को लेकर दर्शन किया गया।
प्रदर्शन में अभियंताओं, कर्मचारियों और पेंशनरों ने भाग लिया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं कामेश्वर शर्मा, मनेश, राजेश, मनोहर, दीपक, विजय, अशोक आदि ने कहा कि बिजली बोर्ड में सुधारों के नाम पर बनाई गई कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों के तहत 51 अभियंताओं के कार्यात्मक पदों के साथ 81 आउटसोर्स चालकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। ये पिछले 10-12 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने मांग की है कि खत्म किए गए पदों के साथ-साथ आउटसोर्स चालकों की सेवाएं बहाल की जाएं। प्रदेश सरकार की ओर से गठित सब कमेटी की ओर से दी गई सिफारिशों पर दोबारा विचार किया जाए।
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6,500 कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल नहीं
वक्ता दीपक ने कहा कि वर्ष 2010 में बिजली बोर्ड के दोबारा गठन के समय प्रदेश सरकार, कर्मचारी व अभियंता ज्वाइंट फ्रंट के बीच हुए समझौते का पालन किया जाए। बिजली बोर्ड से कोई भी संपत्ति किसी दूसरे उपक्रम में स्थानांतरित न की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी बिजली बोर्ड में लगभग 6,500 कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई है जबकि 48 करोड़ रुपये एनएसडीएल के पास एम्पलायर शेयर के रूप में जा रहा है। बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन लागू न होना कर्मचारियों के साथ भेदभाव है।
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