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Hamirpur (Himachal) News: भोरंज अस्पताल में रात्रि समय में नहीं हो रहे ईसीजी टेस्ट
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अस्पताल में ईसीजी करने के लिए रखी गई मशीन सात माह से खराब
रात्रि समय में आने वाले दिल के मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी
लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से समस्या का समाधान करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के सबसे बड़े सिविल अस्पताल में महज एक ईसीजी तकनीशियन होने के कारण यहां रात को ईसीजी करवाने के लिए मरीजों और तीमारदारों को भटकना पड़ रहा है। रात के समय आपातकालीन में अगर कोई मरीज ईसीजी के लिए आता है तो उसे यहां ईसीजी तकनीशियन नहीं मिलता है। लोग बाहरी निजी लैबों में रात को भटकने को मजबूर होते हैं। कई बार निजी लैब वाले भी महज 100 रुपये की जांच के लिए आधी रात को उठने से मना कर देते हैं।
वर्तमान में अस्पताल में ईसीजी करने के लिए दो मशीनें हैं। इनमें दिन के समय रखी गई मशीन ठीक है लेकिन रात्रि समय में आपातकालीन समय के लिए रखी गई मशीन सात माह से खराब हैं। ऐसे में अगर रात को कोई दिल का रोगी अस्पताल आता है तो उसे ईसीजी करवाने में परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों सुरेंद्र कुमार, राजिंदर सिंह, सोहन लाल, विनोद कुमार, संजीव कुमार, विवेक राणा, केएस चौहान ने अस्पताल प्रबंधन व सरकार से यहां ईसीजी तकनीशियन की संख्या बढ़ाने और 24 घंटे विशेषज्ञ से टेस्ट करवाने की सुविधा देने की मांग की है। इस बारे में बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया ने कहा कि ईसीजी मशीन के इलेक्ट्रोल खराब है। मशीन जल्द ही ठीक हो जाएगी और रात्रि के समय ईसीजी टेस्ट सुचारू हो जाएंगे।
समाचार: बवीता चंदेल: विजय ठाकुर
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रात्रि समय में आने वाले दिल के मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी
लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से समस्या का समाधान करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के सबसे बड़े सिविल अस्पताल में महज एक ईसीजी तकनीशियन होने के कारण यहां रात को ईसीजी करवाने के लिए मरीजों और तीमारदारों को भटकना पड़ रहा है। रात के समय आपातकालीन में अगर कोई मरीज ईसीजी के लिए आता है तो उसे यहां ईसीजी तकनीशियन नहीं मिलता है। लोग बाहरी निजी लैबों में रात को भटकने को मजबूर होते हैं। कई बार निजी लैब वाले भी महज 100 रुपये की जांच के लिए आधी रात को उठने से मना कर देते हैं।
वर्तमान में अस्पताल में ईसीजी करने के लिए दो मशीनें हैं। इनमें दिन के समय रखी गई मशीन ठीक है लेकिन रात्रि समय में आपातकालीन समय के लिए रखी गई मशीन सात माह से खराब हैं। ऐसे में अगर रात को कोई दिल का रोगी अस्पताल आता है तो उसे ईसीजी करवाने में परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों सुरेंद्र कुमार, राजिंदर सिंह, सोहन लाल, विनोद कुमार, संजीव कुमार, विवेक राणा, केएस चौहान ने अस्पताल प्रबंधन व सरकार से यहां ईसीजी तकनीशियन की संख्या बढ़ाने और 24 घंटे विशेषज्ञ से टेस्ट करवाने की सुविधा देने की मांग की है। इस बारे में बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया ने कहा कि ईसीजी मशीन के इलेक्ट्रोल खराब है। मशीन जल्द ही ठीक हो जाएगी और रात्रि के समय ईसीजी टेस्ट सुचारू हो जाएंगे।
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