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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Drinking water crisis... taps run dry even during the monsoon; 60 villages across five panchayats are desperate for water.Drinking water crisis... taps run dry even during the monsoon; 60 villages across five panchayats are desperate for water.

Hamirpur (Himachal) News: पेयजल संकट... बरसात में भी सूखे नल, पानी के लिए तरस रहे पांच पंचायतों के 60 गांव

Wed, 19 Aug 2026 12:44 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Wed, 19 Aug 2026 12:44 AM IST
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Drinking water crisis... taps run dry even during the monsoon; 60 villages across five panchayats are desperate for water.Drinking water crisis... taps run dry even during the monsoon; 60 villages across five panchayats are desperate for water.
ओंकार चंद
बिझड़ी (हमीरपुर)। बाहर बारिश हो रही है, लेकिन बिझड़ी क्षेत्र की पांच पंचायतों के करीब 60 गांवों में घरों के नल सूखे हैं। लोग रोज सुबह-शाम टोंटियां खोलकर पानी आने का इंतजार करते हैं।
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कई गांवों में तीसरे दिन तो कुछ जगह पांचवें दिन तक पेयजल आपूर्ति नहीं पहुंच रही है। इससे 99 गांव उठाऊ पेयजल योजना की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। पेयजल संकट से दंदवीं, सकरोह, बिझड़ी, बल्ह बिहाल और सोहारी पंचायतों के मुख्य कस्बे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार सामान्य दिनों में भी तीसरे दिन पानी मिलता है, जबकि बरसात में अंतराल और बढ़ जाता है। पानी आने पर भी कम दबाव के कारण कुछ ही देर में सप्लाई बंद हो जाती है।
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पलासड़ू, लखोह, गरड़ी, अगवीं, कोट, पैरवीं और बुढान समेत कई गांवों में लोग सप्लाई आते ही बाल्टियां, ड्रम और टंकियां भरने में जुट जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कम दबाव और थोड़े समय की सप्लाई के कारण पर्याप्त पानी जमा नहीं हो पाता।
वहीं, बरसात में भी पेयजल के लिए जारी इस जद्दोजहद से लोगों में रोष है। लोगों ने प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है।

दुकानदारों और किरायेदारों की बढ़ी परेशानी
बिझड़ी बाजार में दुकानदारों और किरायेदारों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। हैंडपंप मौजूद हैं, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार उनका पानी पीने योग्य नहीं है। पानी की कमी से पशुपालकों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। पशुओं को पानी पिलाने के लिए खड्ड तक ले जाना पड़ रहा है।
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पानी की सप्लाई महीने में दो-चार दिन ही आती है। पशुओं के लिए पानी की बड़ी समस्या होती है। पशुओं को छोड़कर खड्ड में ले जाना पड़ता है। इससे उनका शेष दिनचर्या के कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो जाते हैं। -ओंकार चंद, निवासी पलासड़ू

मेरी उम्र अब 72 साल की हो चुकी है। पानी की सप्लाई पांच-सात दिन में एक बार आती है। सप्लाई में प्रेशर कम होता है, जिसके चलते एक या दो दिन के लिए ही पानी इकट्ठा हो पता है। पानी का कोई प्राकृतिक स्रोत भी नहीं है। पड़ोसियों से पानी मांगकर गुजारा करना पड़ता है। -ब्रह्मदत्त, निवासी गरड़ी


कोट :

योजना के मुख्य स्रोत पर बादल फटने जैसी प्राकृतिक घटनाओं के कारण कई बार पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से भी समस्या आती है। विभाग जल्द से जल्द नियमित आपूर्ति बहाल करने का प्रयास करता है। भाखड़ा बांध से प्रस्तावित पेयजल योजना के शुरू होने के बाद ही क्षेत्र की समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है। -रविंद्र रणौत, एसडीओ, जल शक्ति विभाग बड़सर

ओंकार चंद

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ओंकार चंद

ओंकार चंद

ओंकार चंद

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