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Hamirpur (Himachal) News: श्रद्धालुओं को सात दिन परोसे जाएंगे अलग-अलग पकवान
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बिझड़ी (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में 14 मार्च से शुरू हुए चैत्र माह मेलों को लेकर मंदिर न्यास ने लंगर में सप्ताह भर के लिए मैन्यू तैयार कर लिया है। लंगर में श्रद्धालुओं को सप्ताहभर अलग-अलग पकवान परोसे जाएंगे। माहभर चलने वाले मेलों में श्रद्धालुओं के लिए लंगर सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
इससे श्रद्धालु किसी भी समय लंगर भवन में आकर प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध न्यास की ओर से एक वर्ष पूर्व 10 करोड़ रुपये की लागत से लंगर भवन का निर्माण किया गया है। इसमें एक साथ 5,000 हजार श्रद्धालुओं को खाना खिलाने की सुविधा है। लंगर भवन में श्रद्धालुओं खाना बनाने के लिए आधुनिक मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। इससे कम समय में अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को खाना बनाया जाता है।
वहीं, खाना वितरित करने के लिए भी लंगर कमेटी की ओर से हाइड्रोलिक मशीनों लगाई गईं हैं। वहीं, लंगर भवन में इलेक्ट्रॉनिक भट्टियों का प्रयोग किया जाता है। बताया जा रहा है कि शनिवार और रविवार को अधिक भीड़ होने पर लंगर भवन में एक साथ पांच क्विंटल चावल और डेढ़ क्विंटल दालें बनाई जाएंगी। बाबा बालक नाथ मंदिर लंगर कमेटी को भारतीय मानक संस्थान द्वारा भी आईएसओ सर्टिफाइड नंबर भी मिल चुका है।
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लंगर में श्रद्धालुओं को सात दिन अलग-अलग पकवान परोसे जाएंगे। बाबा बालक नाथ मंदिर द्वारा संचालित लंगर भवन काफी अत्याधुनिक है। ट्रस्ट द्वारा संचालित लंगर में श्रद्धालुओं को बेहतर सफाई व्यवस्था के साथ-साथ बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है।
शशि पाल शर्मा, एसडीएम बड़सर
यह होगा मैन्यू
सोमवार को सुबह चावल, चपाती, चने की दाल, रोंगी और आलू कढ़ी बनेगी, जबकि सायंकाल में चावल, चपाती, माह छिलका, चने, मिक्स दाल और कढ़ी बनेगी। मंगलवार को सुबह चावल, चपाती, सफेद चने, आलू, हलवा और कढ़ी बनेगी, जबकि सायंकाल में चावल, चपाती, माह, चना दाल, मिक्स दाल और कढ़ी बनेगी। इसी तरह आगामी दिनों में राजमाह, मीठे चावल, मुंगी छिलका, साबूत मुंगी, आलू-बड़ियां और खीर आदि विभिन्न प्रकार के व्यंजन श्रद्धालुओं को नियमित रूप से परोसे जाएंगे।
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इससे श्रद्धालु किसी भी समय लंगर भवन में आकर प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध न्यास की ओर से एक वर्ष पूर्व 10 करोड़ रुपये की लागत से लंगर भवन का निर्माण किया गया है। इसमें एक साथ 5,000 हजार श्रद्धालुओं को खाना खिलाने की सुविधा है। लंगर भवन में श्रद्धालुओं खाना बनाने के लिए आधुनिक मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। इससे कम समय में अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को खाना बनाया जाता है।
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वहीं, खाना वितरित करने के लिए भी लंगर कमेटी की ओर से हाइड्रोलिक मशीनों लगाई गईं हैं। वहीं, लंगर भवन में इलेक्ट्रॉनिक भट्टियों का प्रयोग किया जाता है। बताया जा रहा है कि शनिवार और रविवार को अधिक भीड़ होने पर लंगर भवन में एक साथ पांच क्विंटल चावल और डेढ़ क्विंटल दालें बनाई जाएंगी। बाबा बालक नाथ मंदिर लंगर कमेटी को भारतीय मानक संस्थान द्वारा भी आईएसओ सर्टिफाइड नंबर भी मिल चुका है।
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लंगर में श्रद्धालुओं को सात दिन अलग-अलग पकवान परोसे जाएंगे। बाबा बालक नाथ मंदिर द्वारा संचालित लंगर भवन काफी अत्याधुनिक है। ट्रस्ट द्वारा संचालित लंगर में श्रद्धालुओं को बेहतर सफाई व्यवस्था के साथ-साथ बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है।
शशि पाल शर्मा, एसडीएम बड़सर
यह होगा मैन्यू
सोमवार को सुबह चावल, चपाती, चने की दाल, रोंगी और आलू कढ़ी बनेगी, जबकि सायंकाल में चावल, चपाती, माह छिलका, चने, मिक्स दाल और कढ़ी बनेगी। मंगलवार को सुबह चावल, चपाती, सफेद चने, आलू, हलवा और कढ़ी बनेगी, जबकि सायंकाल में चावल, चपाती, माह, चना दाल, मिक्स दाल और कढ़ी बनेगी। इसी तरह आगामी दिनों में राजमाह, मीठे चावल, मुंगी छिलका, साबूत मुंगी, आलू-बड़ियां और खीर आदि विभिन्न प्रकार के व्यंजन श्रद्धालुओं को नियमित रूप से परोसे जाएंगे।