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Hamirpur (Himachal) News: सोचा नहीं था ससुर को अंतिम बार गाड़ी में छोड़ रही हूं
Tue, 05 May 2026 12:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 05 May 2026 12:25 AM IST
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सुबह बड़े भाई की बहू ने तरक्वाड़ी में छोड़े थे रमेश चंद और उनकी पत्नी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। धबड़ियाणा में हुई कार दुर्घटना में दंपति की मौत अपने पीछे गहरा दर्द छोड़ कर चले गए। सुबह उनके बड़े भाई की बहू ने उन्हें अपनी गाड़ी में तरक्वाड़ी में छोड़ा जहां पर उनकी पत्नी के भाई और भाभी लेने के लिए आए थे। सुबह करीब साढे दस बजे फोन आया तो पैर के नीचे से जमीन खिसक गई।
अपने ससुर की मौत सुनकर परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मृतक रमेश चंद के भाई की बहू मधुबाला ने बताया कि उनके चाचा ससुर के बेटे जॉब करते हैं तथा बहू भी जॉब करती है। ऐसे में वह बाहर ही रहते हैं। घर पर उनके ससुर, उनके बेटा बेटी, चाची सास और ससुर रहते हैं। सुबह उन्होंने अपने दोस्त के पौत्र के मुंडन संस्कार पर उनके घर गारली जाना था। पता नहीं था कि यह सफर उनके साथ आखिर सफर होगा।
मधुबाला ने अपनी गाड़ी में उन्हें तरक्वाड़ी में छोड़ा। बच्चों का अपने चाचा दादा के साथ बेहद लगाव था। दादा व दादी की मौत की खबर सुनकर बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। परिवार को विश्वास नहीं हो रहा है कि उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में चार ही लोग रहते थे जबकि शेष परिवार बाहर ही रहता है। सास की करीब एक साल पहले ही देहांत हुआ है। अब इस हादसे ने उनके दुखों को और बढ़ा दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। धबड़ियाणा में हुई कार दुर्घटना में दंपति की मौत अपने पीछे गहरा दर्द छोड़ कर चले गए। सुबह उनके बड़े भाई की बहू ने उन्हें अपनी गाड़ी में तरक्वाड़ी में छोड़ा जहां पर उनकी पत्नी के भाई और भाभी लेने के लिए आए थे। सुबह करीब साढे दस बजे फोन आया तो पैर के नीचे से जमीन खिसक गई।
अपने ससुर की मौत सुनकर परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मृतक रमेश चंद के भाई की बहू मधुबाला ने बताया कि उनके चाचा ससुर के बेटे जॉब करते हैं तथा बहू भी जॉब करती है। ऐसे में वह बाहर ही रहते हैं। घर पर उनके ससुर, उनके बेटा बेटी, चाची सास और ससुर रहते हैं। सुबह उन्होंने अपने दोस्त के पौत्र के मुंडन संस्कार पर उनके घर गारली जाना था। पता नहीं था कि यह सफर उनके साथ आखिर सफर होगा।
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मधुबाला ने अपनी गाड़ी में उन्हें तरक्वाड़ी में छोड़ा। बच्चों का अपने चाचा दादा के साथ बेहद लगाव था। दादा व दादी की मौत की खबर सुनकर बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। परिवार को विश्वास नहीं हो रहा है कि उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में चार ही लोग रहते थे जबकि शेष परिवार बाहर ही रहता है। सास की करीब एक साल पहले ही देहांत हुआ है। अब इस हादसे ने उनके दुखों को और बढ़ा दिया है।
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