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पहले दिन दियोटसिद्ध मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़
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Crowd of devotees at Diyotsiddha temple on the first day
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बिझड़ी (हमीरपुर)। चैत्र नवरात्र के पहले दिन दियोटसिद्ध मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही श्रद्धालु लाइनों में लगकर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। ऊना के रास्ते यहां बाबा बालक नाथ के दर्शन करने के बाद पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश और दूसरे राज्यों से श्रद्धालु प्रदेश में पांचों देवियों श्री नयना देवी, श्री ज्वालाजी, श्री बज्रेश्वरी, श्री चामुंडा और माता चिंतपूर्णी के दर्शनों को निकलते हैं। मंदिर में चल रहे चैत्र मेलों के चलते भी सप्ताह के अंत में मंदिर परिसर में काफी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
शनिवार को सुबह श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंचे। मंदिर अधिकारी अजय कुमार ने कहा कि मंदिर दियोटसिद्ध में चैत्र माह मेले चले हैं। नवरात्रे शुरू होने से मंदिर में भक्तों की तादात बढ़ गई है। पंजाब से आने वाले श्रद्धालु सबसे पहले बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध माथा टेकते हैं। इसके बाद ज्वालामुखी, चामुंडा, बृजेश्वरी, नैना देवी, चिंतपूर्णी के दर्शन करने के लिए जाते हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखकर मंदिर न्यास की ओर से पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं।
संतोषी माता मंदिर लदरौर में भी श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना-
उपमंडल भोरंज के संतोषी माता मंदिर, हमीरपुर के सलासी स्थित झनियारी माता और टौणीदेवी माता मंदिर समेत जिला भर के अन्य मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। कई लोगों ने नवरात्रों के उपलक्ष्य में उपवास रखा हुआ है। मंदिरों के अलावा घर पर भी बनाए पूजा स्थलों पर माता के विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना की जा रही है।
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शनिवार को सुबह श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंचे। मंदिर अधिकारी अजय कुमार ने कहा कि मंदिर दियोटसिद्ध में चैत्र माह मेले चले हैं। नवरात्रे शुरू होने से मंदिर में भक्तों की तादात बढ़ गई है। पंजाब से आने वाले श्रद्धालु सबसे पहले बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध माथा टेकते हैं। इसके बाद ज्वालामुखी, चामुंडा, बृजेश्वरी, नैना देवी, चिंतपूर्णी के दर्शन करने के लिए जाते हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखकर मंदिर न्यास की ओर से पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं।
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संतोषी माता मंदिर लदरौर में भी श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना-
उपमंडल भोरंज के संतोषी माता मंदिर, हमीरपुर के सलासी स्थित झनियारी माता और टौणीदेवी माता मंदिर समेत जिला भर के अन्य मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। कई लोगों ने नवरात्रों के उपलक्ष्य में उपवास रखा हुआ है। मंदिरों के अलावा घर पर भी बनाए पूजा स्थलों पर माता के विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना की जा रही है।
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