{"_id":"5b6c4e1e4f1c1bcb2e8b5598","slug":"141533824542-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक से छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी पर एक साल की जेल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चेक से छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी पर एक साल की जेल
Updated Fri, 10 Aug 2018 12:02 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। दस हजार रुपये के बैंक चेक से छेड़छाड़ कर उसे दस लाख रुपये का चेक बनाने के दोष में हमीरपुर कोर्ट ने दोषी को एक साल के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट में कुल 12 गवाह पेश हुए। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अभय मंडयाल की अदालत ने हमीरपुर के वार्ड नंबर पांच बृजनगर निवासी अजय कुमार पुत्र सुरेश कुमार को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने पीड़ित व्यक्ति को एक लाख रुपये आर्थिक सहायता देने के आदेश भी दिए हैं। जिला उप न्यायवादी अनुज शर्मा ने बताया कि भोटा निवासी अश्वनी कुमार ने 17 फरवरी 2012 को हमीरपुर थाना में शिकायत दी थी। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2005-06 में इसने नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर पांच बृजनगर निवासी अजय कुमार को 10-10 हजार रुपये के चार चेक दिए थे। वर्ष 2011 में अजय कुमार ने एक चेक पर छेड़छाड़ कर उसे 10 लाख रुपये लिख दिए और चेक को बैंक में लगा दिया। जिसके चलते बैंक में पर्याप्त बैलेंस न होने के चलते चेक बाउंस हो गया। इस पर अजय कुमार ने न्यायालय में चेक बाउंस होने का केस दर्ज करवा दिया। अश्वनी कुमार को जब कोर्ट से नोटिस मिला तो पता चला कि 10 हजार रुपये के चेक को 10 लाख रुपये का बना दिया गया है। इस पर अश्वनी कुमार ने हमीरपुर थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करवाया। पुलिस ने अजय कुमार के खिलाफ भादंसं की धारा 420, 467 और 468 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इस मामले की तफ्तीश एएसआई घमंडा राम ने की। जबकि मामले की पैरवी जिला उप न्यायवादी अनुज शर्मा ने की है। कोर्ट में बैंक चेक से छेड़खानी का मामला साबित होने पर दोषी को अलग-अलग धाराओं में एक-एक साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना के अलावा पीड़ित पक्ष को एक लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
इसके साथ ही अदालत ने पीड़ित व्यक्ति को एक लाख रुपये आर्थिक सहायता देने के आदेश भी दिए हैं। जिला उप न्यायवादी अनुज शर्मा ने बताया कि भोटा निवासी अश्वनी कुमार ने 17 फरवरी 2012 को हमीरपुर थाना में शिकायत दी थी। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2005-06 में इसने नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर पांच बृजनगर निवासी अजय कुमार को 10-10 हजार रुपये के चार चेक दिए थे। वर्ष 2011 में अजय कुमार ने एक चेक पर छेड़छाड़ कर उसे 10 लाख रुपये लिख दिए और चेक को बैंक में लगा दिया। जिसके चलते बैंक में पर्याप्त बैलेंस न होने के चलते चेक बाउंस हो गया। इस पर अजय कुमार ने न्यायालय में चेक बाउंस होने का केस दर्ज करवा दिया। अश्वनी कुमार को जब कोर्ट से नोटिस मिला तो पता चला कि 10 हजार रुपये के चेक को 10 लाख रुपये का बना दिया गया है। इस पर अश्वनी कुमार ने हमीरपुर थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करवाया। पुलिस ने अजय कुमार के खिलाफ भादंसं की धारा 420, 467 और 468 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इस मामले की तफ्तीश एएसआई घमंडा राम ने की। जबकि मामले की पैरवी जिला उप न्यायवादी अनुज शर्मा ने की है। कोर्ट में बैंक चेक से छेड़खानी का मामला साबित होने पर दोषी को अलग-अलग धाराओं में एक-एक साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना के अलावा पीड़ित पक्ष को एक लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन