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मंत्री के आदेशों के बाद भोटा से हमीरपुर शिफ्ट हुआ कोविड केयर सेंटर
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हमीरपुर। राधा-स्वामी सत्संग ब्यास चैरिटेबल अस्पताल भोटा से शनिवार को कोविड केयर सेंटर को जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर शिफ्ट कर दिया गया है। वन मंत्री राकेश पठानिया ने 5 दिसंबर को हमीरपुर दौरे के दौरान यहां आयोजित बैठक में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य और लोनिवि के अधिकारियों को दो दिन के भीतर कोविड केयर सेंटर शिफ्ट करने के आदेश दिए थे लेकिन, आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में रैंप और शौचालय समेत अन्य कार्य पूरा न होने के चलते अस्पताल को शिफ्ट करने में देरी हुई है। शनिवार को भोटा से सारा सामान हमीरपुर शिफ्ट कर दिया गया।
उपायुक्त हमीरपुर देवश्वेता बनिक ने भी शुक्रवार को खुद मौके पर जाकर आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में कोविड-19 सेंटर का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के आदेश भी जारी किए। भोटा स्थित राधा-स्वामी सत्संग ब्यास चैरिटेबल अस्पताल में एक दर्जन ग्राम पंचायतों के लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती थीं लेकिन, मार्च माह में जिला प्रशासन के सुझाव पर प्रदेश सरकार ने भोटा चैरिटेबल अस्पताल को कोविड केयर सेंटर बना दिया।
पिछले नौ माह से चैरिटेबल अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद पड़ी हुई हैं। जिसके चलते ग्रामीणों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा। ग्रामीणों की इस समस्या को बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने सरकार के समक्ष उठाते हुए इस अस्पताल को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग उठाई। जिस पर कार्रवाई करते हुए प्रदेश सरकार ने नवंबर माह में इस अस्पताल को भोटा से जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर शिफ्ट करने के लिए कहा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी मंत्रियों को विभिन्न जिलों में बने कोविड केयर सेंटरों का जायजा लेने के लिए कहा। अब कोविड केयर सेंटर शिफ्ट होने से भोटा में फिर से ओपीडी सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।
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उधर, डॉ राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर की प्रधानाचार्य डॉ. रितु शित्तक ने कहा कि भोटा से कोविड केयर सेंटर को आयुर्वेदिक अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया है। यहां पर 40 बिस्तरों की व्यवस्था रहेगी।
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उपायुक्त हमीरपुर देवश्वेता बनिक ने भी शुक्रवार को खुद मौके पर जाकर आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में कोविड-19 सेंटर का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के आदेश भी जारी किए। भोटा स्थित राधा-स्वामी सत्संग ब्यास चैरिटेबल अस्पताल में एक दर्जन ग्राम पंचायतों के लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती थीं लेकिन, मार्च माह में जिला प्रशासन के सुझाव पर प्रदेश सरकार ने भोटा चैरिटेबल अस्पताल को कोविड केयर सेंटर बना दिया।
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पिछले नौ माह से चैरिटेबल अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद पड़ी हुई हैं। जिसके चलते ग्रामीणों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा। ग्रामीणों की इस समस्या को बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने सरकार के समक्ष उठाते हुए इस अस्पताल को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग उठाई। जिस पर कार्रवाई करते हुए प्रदेश सरकार ने नवंबर माह में इस अस्पताल को भोटा से जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर शिफ्ट करने के लिए कहा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी मंत्रियों को विभिन्न जिलों में बने कोविड केयर सेंटरों का जायजा लेने के लिए कहा। अब कोविड केयर सेंटर शिफ्ट होने से भोटा में फिर से ओपीडी सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।
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उधर, डॉ राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर की प्रधानाचार्य डॉ. रितु शित्तक ने कहा कि भोटा से कोविड केयर सेंटर को आयुर्वेदिक अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया है। यहां पर 40 बिस्तरों की व्यवस्था रहेगी।