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कोरोना से बिगड़े हालात, 50 फीसदी की शर्त से बस ऑपरेटरों के हाथ खड़े
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हमीरपुर से रिकांगपिओ जा रही बस में सवार महज पांच यात्री।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। कोरोना की दूसरी लहर में फिर हिमाचल प्रदेश में हालात बिगाड़ दिए हैं। हर क्षेत्र में इसका असर देखने को मिल रहा है। सार्वजनिक यातायात से लेकर कारोबार सब इससे प्रभावित होने लगे हैं। अनलॉक की घोषणा के बाद एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटरों ने 80 फीसदी रूट बहाल किए थे। अब दोबारा से बसों में 50 फीसदी सवारियों की शर्त लागू होने से बस ऑपरेटरों के हाथ खड़े हो गए हैं। सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में पांच दिन कार्यदिवस, शिक्षण संस्थानों के बंद रहने और सुबह छह से सायं छह बजे तक कारोबार की शर्त से ग्राहकों की आमद बहुत कम है।
बुधवार को रामनवमी के चलते सार्वजनिक अवकाश था। इसके अलावा खराब मौसम के कारण भी बाजार में इक्का-दुक्का ही लोग नजर आए। जिसके चलते बसों में यात्रियों की संख्या दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाई। एचआरटीसी हमीरपुर डिपो की आमदन 50 फीसदी कम हो गई। निगम का रोजाना कैश कलेक्शन 13 लाख से अधिक रहता था, जो वर्तमान में 6 से 7 लाख पहुंच गया है। कुछ यही हाल निजी बस ऑपरेटरों का भी है। उधर, एचआरटीसी हमीरपुर के उपमंडलीय प्रबंधक विवेक लखनपाल ने कहा कि निगम की आय पर पचास फीसदी का फर्क पड़ा है। 80 फीसदी स्थानीय रूटों पर ही बसें चल रही हैं। जबकि लंबी दूरी के रूट भी बंद हुए हैं।
बाक्स:
वर्तमान में यह है बस रूटों की स्थिति
हमीरपुर से दिल्ली रूट पर 8 में से तीन रूट चल रहे हैं। हमीरपुर-कटड़ा रूट बंद है। इसी तरह हमीरपुर से चंडीगढ़ रूट पर 8 में से 6 बसें चली रही हैं। हमीरपुर-लुधियाना के 3 रूटों में से 1, हमीरपुर से अमृतसर 2 में से एक रूट पर बस चल रही है। लोकल रूट भी 80 फीसदी ही चल रहे हैं।
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बाक्स:
क्या कहते हैं बस के चालक और परिचालक-
दोपहर 12.15 पर हमीरपुर से ज्वालामुखी जा रही बस के परिचालक राकेश कुमार ने कहा कि बस में सवारियां न होने से डीजल का खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा।
दोपहर 12.30 पर हमीरपुर से नादौन जा रही बस के परिचालक अमित ठाकुर ने कहा कि कोरोना के चलते निजी बस ऑपरेटरों को मंदी का सामना करना पड़ रहा है।
दोपहर 12:30 हमीरपुर से रिकांगपिओ जा रही एचआरटीसी के परिचालक मंदीप ने कहा कि बस में बहुत कम सवारियां होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दोपहर 12:40 पर शिमला से चढियार जा रही एचआरटीसी के परिचालक राकेश का कहना है कि बस में यात्रियों की संख्या न के बराबर है। कोरोना और खराब मौसम का असर देखने को मिल रहा है।
दोपहर 12:50 पर हमीरपुर से हरिद्वार जा रही बस के चालक चैन सिंह का कहना है कि बसों में सवारियां बहुत कम होने से डीजल का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। कोरोना से निगम की आय को काफी प्रभावित किया है।
12:55 पर लुधियाना से हमीरपुर लौटी बस के परिचालक अश्विनी कुमार का कहना है कि कोरोना के कारण बसों की आय आधी रह गई है।
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बुधवार को रामनवमी के चलते सार्वजनिक अवकाश था। इसके अलावा खराब मौसम के कारण भी बाजार में इक्का-दुक्का ही लोग नजर आए। जिसके चलते बसों में यात्रियों की संख्या दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाई। एचआरटीसी हमीरपुर डिपो की आमदन 50 फीसदी कम हो गई। निगम का रोजाना कैश कलेक्शन 13 लाख से अधिक रहता था, जो वर्तमान में 6 से 7 लाख पहुंच गया है। कुछ यही हाल निजी बस ऑपरेटरों का भी है। उधर, एचआरटीसी हमीरपुर के उपमंडलीय प्रबंधक विवेक लखनपाल ने कहा कि निगम की आय पर पचास फीसदी का फर्क पड़ा है। 80 फीसदी स्थानीय रूटों पर ही बसें चल रही हैं। जबकि लंबी दूरी के रूट भी बंद हुए हैं।
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वर्तमान में यह है बस रूटों की स्थिति
हमीरपुर से दिल्ली रूट पर 8 में से तीन रूट चल रहे हैं। हमीरपुर-कटड़ा रूट बंद है। इसी तरह हमीरपुर से चंडीगढ़ रूट पर 8 में से 6 बसें चली रही हैं। हमीरपुर-लुधियाना के 3 रूटों में से 1, हमीरपुर से अमृतसर 2 में से एक रूट पर बस चल रही है। लोकल रूट भी 80 फीसदी ही चल रहे हैं।
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क्या कहते हैं बस के चालक और परिचालक-
दोपहर 12.15 पर हमीरपुर से ज्वालामुखी जा रही बस के परिचालक राकेश कुमार ने कहा कि बस में सवारियां न होने से डीजल का खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा।
दोपहर 12.30 पर हमीरपुर से नादौन जा रही बस के परिचालक अमित ठाकुर ने कहा कि कोरोना के चलते निजी बस ऑपरेटरों को मंदी का सामना करना पड़ रहा है।
दोपहर 12:30 हमीरपुर से रिकांगपिओ जा रही एचआरटीसी के परिचालक मंदीप ने कहा कि बस में बहुत कम सवारियां होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दोपहर 12:40 पर शिमला से चढियार जा रही एचआरटीसी के परिचालक राकेश का कहना है कि बस में यात्रियों की संख्या न के बराबर है। कोरोना और खराब मौसम का असर देखने को मिल रहा है।
दोपहर 12:50 पर हमीरपुर से हरिद्वार जा रही बस के चालक चैन सिंह का कहना है कि बसों में सवारियां बहुत कम होने से डीजल का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। कोरोना से निगम की आय को काफी प्रभावित किया है।
12:55 पर लुधियाना से हमीरपुर लौटी बस के परिचालक अश्विनी कुमार का कहना है कि कोरोना के कारण बसों की आय आधी रह गई है।