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कॉलेज प्राध्यापकों की हड़ताल; पेपर ड्यूटी दी, मूल्यांकन नहीं करेंगे
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हमीरपुर महाविद्यालय में हड़ताल पर बैठे प्राध्यापक।
- फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के प्राध्यापकों ने एक दिन की भूख हड़ताल की। इस दौरान जिन अध्यापकों की परीक्षा में ड्यूटी थी, उन्होंने ड्यूटी दी, बाकी शेष हड़ताल पर रहे। प्राध्यापकों ने कहा कि वे पेपर मूल्यांकन का नहीं करेंगे। मांगों को लेकर प्राध्यापक 30 मई तक रोजाना दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक महाविद्यालय में गेट मीटिंग कर प्रदर्शन करेंगे।
हिमाचल राजकीय कॉलेज अध्यापक संघ हमीरपुर के सचिव प्रो. पुष्पेंद्र ठाकुर ने कहा कि सरकार से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा तय सातवें वेतनमान को मानने और कॉलेज अध्यापकों के लिए इसे लागू करने का आग्रह किया गया। सरकार से मांग की कि इसे अन्य 26 राज्यों की तर्ज पर हिमाचल में यथावत लागू किया जाए। इसके अलावा एमफिल, पीएचडी की रुकी वेतन वृद्धियां देने, ज्वाइनिंग तिथि से नोशनल लाभ देने, रिक्त प्रधानाचार्यों के पदों को शीघ्र भरने और महाविद्यालय में प्रोफेसर के पदों को सृजित करने की मांग की।
प्राध्यापकों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे स्वयं इस विषय पर हस्तक्षेप करें। हिमाचल में भी सातवां वेतन आयोग का बाकी कर्मचारियों को लाभ मिल चुका है। इससे केवल कॉलेज और विश्वविद्यालय के प्राध्यापक ही वंचित हैं।
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हिमाचल राजकीय कॉलेज अध्यापक संघ हमीरपुर के सचिव प्रो. पुष्पेंद्र ठाकुर ने कहा कि सरकार से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा तय सातवें वेतनमान को मानने और कॉलेज अध्यापकों के लिए इसे लागू करने का आग्रह किया गया। सरकार से मांग की कि इसे अन्य 26 राज्यों की तर्ज पर हिमाचल में यथावत लागू किया जाए। इसके अलावा एमफिल, पीएचडी की रुकी वेतन वृद्धियां देने, ज्वाइनिंग तिथि से नोशनल लाभ देने, रिक्त प्रधानाचार्यों के पदों को शीघ्र भरने और महाविद्यालय में प्रोफेसर के पदों को सृजित करने की मांग की।
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प्राध्यापकों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे स्वयं इस विषय पर हस्तक्षेप करें। हिमाचल में भी सातवां वेतन आयोग का बाकी कर्मचारियों को लाभ मिल चुका है। इससे केवल कॉलेज और विश्वविद्यालय के प्राध्यापक ही वंचित हैं।
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