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Hamirpur (Himachal) News: नौकरी के बजाय स्वरोजगार चुना, हर साल 100 युवाओं को दे रहीं प्रशिक्षण
Sat, 03 Oct 2026 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 03 Oct 2026 12:40 AM IST
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कंप्यूटर सेंटर संचालक निशा। संवाद
हमीरपुर। नौकरी की तलाश करने के बजाय खुद का रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की सोच ने सुजानपुर की निशा की जिंदगी की राह बदल दी। पीजीडीसीए का कोर्स करने के बाद उन्होंने वर्ष 2016 में कंप्यूटर सेंटर शुरू किया।
शुरुआत में विद्यार्थियों और युवाओं की संख्या कम थी, लेकिन बेहतर प्रशिक्षण और मेहनत से धीरे-धीरे केंद्र की पहचान बनी। आज निशा हर वर्ष करीब 70 से 100 युवाओं को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दे रही हैं।
निशा ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके सामने नौकरी करने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने अपना काम शुरू करने का फैसला लिया। कंप्यूटर के क्षेत्र में रुचि के चलते पीजीडीसीए करने के बाद उन्होंने छोटे स्तर से सेंटर की शुरुआत की।
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यहां युवाओं को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी के साथ टाइपिंग, दस्तावेज तैयार करने, इंटरनेट के उपयोग और रोजमर्रा के जरूरी डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है।
निशा के पति ठेकेदार का काम करते हैं और उनके दो बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। घर और केंद्र की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपना काम जारी रखा। वर्ष 2016 से अब तक बड़ी संख्या में युवा केंद्र से प्रशिक्षण ले चुके हैं।
स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के अलावा रोजगार की तैयारी कर रहे युवा भी यहां प्रशिक्षण लेते हैं। निशा का प्रयास रहता है कि प्रशिक्षण के बाद युवा कंप्यूटर पर जरूरी काम स्वयं कर सकें।
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शुरुआत में विद्यार्थियों और युवाओं की संख्या कम थी, लेकिन बेहतर प्रशिक्षण और मेहनत से धीरे-धीरे केंद्र की पहचान बनी। आज निशा हर वर्ष करीब 70 से 100 युवाओं को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दे रही हैं।
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निशा ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके सामने नौकरी करने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने अपना काम शुरू करने का फैसला लिया। कंप्यूटर के क्षेत्र में रुचि के चलते पीजीडीसीए करने के बाद उन्होंने छोटे स्तर से सेंटर की शुरुआत की।
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यहां युवाओं को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी के साथ टाइपिंग, दस्तावेज तैयार करने, इंटरनेट के उपयोग और रोजमर्रा के जरूरी डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है।
निशा के पति ठेकेदार का काम करते हैं और उनके दो बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। घर और केंद्र की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपना काम जारी रखा। वर्ष 2016 से अब तक बड़ी संख्या में युवा केंद्र से प्रशिक्षण ले चुके हैं।
स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के अलावा रोजगार की तैयारी कर रहे युवा भी यहां प्रशिक्षण लेते हैं। निशा का प्रयास रहता है कि प्रशिक्षण के बाद युवा कंप्यूटर पर जरूरी काम स्वयं कर सकें।

कंप्यूटर सेंटर संचालक निशा। संवाद