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बैठक में एकमत से प्रस्ताव पारित, नहीं करेंगे मतदान
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बड़सर (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत चकमोह पंचायत में प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के सभी नामांकन वापस लेने और चुनाव के बहिष्कार के निर्णय के बाद अब जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव को लेकर भी ग्रामीण मुखर हो गए हैं। चकमोह पंचायत में रविवार को संघर्ष समिति चकमोह की एक बैठक हुई। इसमें वरिष्ठ नागरिकों, युवक मंडल के सदस्यों व नामांकन वापस लेने वाले सभी उम्मीदवारों ने भाग लिया।
इस बैठक में जिला परिषद और बीडीसी सदस्य के चुनाव के बहिष्कार को लेकर चर्चा की गई। संघर्ष समिति के सदस्यों व युवक मंडल के सदस्यों ने एकमत प्रस्ताव पारित कर कहा कि जब तक प्रशासन की तरफ से ग्रामीणों की मांगों को लेकर लिखित आदेश प्राप्त नहीं होते हैं, ग्रामीण यहां पंचायत में 19 जनवरी को होने वाले जिला परिषद और बीडीसी चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे। संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि लगभग एक सप्ताह से प्रशासन के लिखित आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश प्रशासन ने ऐसा नहीं किया है।
प्रशासन की ओर से मौखिक आश्वासन के आधार पर चुनाव के किसी भी प्रकार के बहिष्कार को वापस नहीं लिया जा सकता है। संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि अगर प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई की पहल की गई होती तो बीडीसी व जिला परिषद के चुनाव को लेकर विचार किया जा सकता था। संघर्ष समिति, युवक मंडल के सदस्यों व ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि है कि सभी चुनावों का ग्रामीण बहिष्कार करेंगे, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती।
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इस बैठक में जिला परिषद और बीडीसी सदस्य के चुनाव के बहिष्कार को लेकर चर्चा की गई। संघर्ष समिति के सदस्यों व युवक मंडल के सदस्यों ने एकमत प्रस्ताव पारित कर कहा कि जब तक प्रशासन की तरफ से ग्रामीणों की मांगों को लेकर लिखित आदेश प्राप्त नहीं होते हैं, ग्रामीण यहां पंचायत में 19 जनवरी को होने वाले जिला परिषद और बीडीसी चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे। संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि लगभग एक सप्ताह से प्रशासन के लिखित आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश प्रशासन ने ऐसा नहीं किया है।
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प्रशासन की ओर से मौखिक आश्वासन के आधार पर चुनाव के किसी भी प्रकार के बहिष्कार को वापस नहीं लिया जा सकता है। संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि अगर प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई की पहल की गई होती तो बीडीसी व जिला परिषद के चुनाव को लेकर विचार किया जा सकता था। संघर्ष समिति, युवक मंडल के सदस्यों व ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि है कि सभी चुनावों का ग्रामीण बहिष्कार करेंगे, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती।
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