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मेडिकल कॉलेज में दो माह से नहीं मिल रही बीपी की दवाइयां
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के कैश काउंटर पर पर्ची कटवाने के लिए लगी लोगों की कतार।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल हमीरपुर में जीवन रक्षक दवाइयों की कमी है। अस्पताल की निशुल्क फार्मेसी में रक्तचाप की टेलमीसार्टन और एमलोडिपाइन दवाइयां नहीं मिल रही हैं।
हालांकि चिकित्सक मरीजों को निशुल्क मिलने वाली दवाइयां तो लिख रहे हैं, लेकिन अस्पताल की फार्मेसी काउंटर में कतार में लगने के बाद मरीजों को बैरंग ही लौटना पड़ रहा है। बीपी की दवाई के लिए मरीजों को बाहरी मेडिकल स्टोरों की ओर रुख करना पड़ रहा है। यहां उन्हें दवाई के लिए सौ से तीन सौ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
अस्पताल की निशुल्क फार्मेसी में बीते दिनों बीपी और आयरन की दवाई खत्म हो गई थी। अब आयरन तो उपलब्ध हो गई है लेकिन बीपी की दवाइयों की आपूर्ति नहीं हुई है। ऐेसे में मरीजों को निशुल्क मिलने वाली दवाइयों के लिए रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। बीपी के अधिकतर मरीज वरिष्ठ नागरिक होते हैं, ऐसे में उन्हें देरी तक कतार में खड़े रहने के बाद बिना दवाई ही लौटना पड़ रहा है। इसके साथ ही बाहरी मेडिकल स्टोरों की दौड़ लगानी पड़ती है।
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मरीज और तीमारदार सुरेंद्र कुमार, बलवंत सिंह, रेखा देवी, रिखी राम ने कहा कि बीपी की दवाइयां अस्पताल के काउंटर पर नहीं मिल रही हैं। उन्होंने दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग की है। एमएस डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि निशुल्क फार्मेसी में वैसे तो सभी जरूरी दवाइयां उपलब्ध हैं। अगर किसी दवाई की कमी है तो जल्द ही उपलब्ध करवा दी जाएगी।
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हालांकि चिकित्सक मरीजों को निशुल्क मिलने वाली दवाइयां तो लिख रहे हैं, लेकिन अस्पताल की फार्मेसी काउंटर में कतार में लगने के बाद मरीजों को बैरंग ही लौटना पड़ रहा है। बीपी की दवाई के लिए मरीजों को बाहरी मेडिकल स्टोरों की ओर रुख करना पड़ रहा है। यहां उन्हें दवाई के लिए सौ से तीन सौ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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अस्पताल की निशुल्क फार्मेसी में बीते दिनों बीपी और आयरन की दवाई खत्म हो गई थी। अब आयरन तो उपलब्ध हो गई है लेकिन बीपी की दवाइयों की आपूर्ति नहीं हुई है। ऐेसे में मरीजों को निशुल्क मिलने वाली दवाइयों के लिए रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। बीपी के अधिकतर मरीज वरिष्ठ नागरिक होते हैं, ऐसे में उन्हें देरी तक कतार में खड़े रहने के बाद बिना दवाई ही लौटना पड़ रहा है। इसके साथ ही बाहरी मेडिकल स्टोरों की दौड़ लगानी पड़ती है।
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मरीज और तीमारदार सुरेंद्र कुमार, बलवंत सिंह, रेखा देवी, रिखी राम ने कहा कि बीपी की दवाइयां अस्पताल के काउंटर पर नहीं मिल रही हैं। उन्होंने दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग की है। एमएस डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि निशुल्क फार्मेसी में वैसे तो सभी जरूरी दवाइयां उपलब्ध हैं। अगर किसी दवाई की कमी है तो जल्द ही उपलब्ध करवा दी जाएगी।