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दूसरे दिन भी बंद रहे बैंक, करोड़ों का कारोबार प्रभावित
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बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बंद पड़ा हमीरपुर का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले सात बैंकों की यूनियन ने निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को भी हड़ताल की। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण दूसरे दिन भी जिले में बैंक बंद रहे। अकेले एसबीआई की ही 41 शाखाओं का दो सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं अन्य बैंकों को मिलाकर कुल 800 करोड़ के लेनदेन और कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। वीरवार को शुरू हुई इस दो दिवसीय हड़ताल का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगताना पड़ा है।
वीरवार को भी वृद्धों, पेंशनरों व महिलाओं को सबसे अधिक समस्या हुई। हालांकि, हड़ताल का पता चलने के कारण शुक्रवार को उपभोक्ता बैंकों के लिए घर से ही नहीं आए, लेकिन वीरवार को हड़ताल की जानकारी न होने के कारण वृद्ध व दूरदराज के उपभोक्ता बैंकों में पहुंचे थे। जिस कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर एसोसिएशन हमीरपुर सर्कल के सचिव प्रदीप कौंडल ने कहा कि बैंक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार इस रीढ़ को समाप्त कर पूंजीपतियों का सहयोग करना चाहती है। जिससे देश बर्बाद होने के कगार पर है। बैंकों के निजीकरण से केवल कर्मचारियों को ही नुकसान नहीं होगा, बल्कि लोगों का पैसा भी सुरक्षित नहीं रहेगा। संसद के चालू सत्र में बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक पेश किया जा रहा है, जिसके खिलाफ बैंक कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर हैं।
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वीरवार को भी वृद्धों, पेंशनरों व महिलाओं को सबसे अधिक समस्या हुई। हालांकि, हड़ताल का पता चलने के कारण शुक्रवार को उपभोक्ता बैंकों के लिए घर से ही नहीं आए, लेकिन वीरवार को हड़ताल की जानकारी न होने के कारण वृद्ध व दूरदराज के उपभोक्ता बैंकों में पहुंचे थे। जिस कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
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पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर एसोसिएशन हमीरपुर सर्कल के सचिव प्रदीप कौंडल ने कहा कि बैंक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार इस रीढ़ को समाप्त कर पूंजीपतियों का सहयोग करना चाहती है। जिससे देश बर्बाद होने के कगार पर है। बैंकों के निजीकरण से केवल कर्मचारियों को ही नुकसान नहीं होगा, बल्कि लोगों का पैसा भी सुरक्षित नहीं रहेगा। संसद के चालू सत्र में बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक पेश किया जा रहा है, जिसके खिलाफ बैंक कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर हैं।
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