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कोरोना का डर भूलकर 18 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार नवाया शीश
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बाबा बालक नाथ मंदिर में कतारों में लगे श्रद्धालु।
- फोटो : Hamirpur-HP
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कोरोना का डर भूलकर 18 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार नवाया शीश
मास्क की कमी के चलते न्यास प्रबंधन ने श्रद्धालुओं को दिए पटके
कुछ श्रद्धालुओं ने तो मुंह पर लपेटा तो अधिकतर ने गले में डाल लिया पटका
संवाद न्यूज एजेंसी
बिझड़ी (हमीरपुर)।
बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कोरोना के डर से बेखौफ होकर करीब 18 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका। इस दौरान न्यास प्रबंधन ने श्रद्धालुओं को मुंह ढकने के लिए मंदिर के पटके दिए। जिन्हें कुछ श्रद्धालुओं ने तो मुंह पर लपेटा लेकिन, अधिकतर ने गले में डाल लिया और बाबा के दर्शन किए। चैत्र मेलों का पहला रविवार होने के चलते काफी संख्या में भक्तों ने बाबा का दीदार किया।
श्रद्धालुओं ने बाबा की पवित्र गुफा में माथा टेका और बाबा का आशीर्वाद लिया। बाबा बालक नाथ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। लंबी कतारों में श्रद्धालुओं को कई घंटों तक दर्शनों के लिए खड़ा रहना पड़ा। चैत्र मेलों में प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और देश के हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर को 24 घंटे खुला रखा जा रहा है। कई श्रद्धालु शाहतलाई से दियोटसिद्ध तक दंडवत होकर आ रहे हैं। कोरोना वायरस से निपटने के लिए मंदिर परिसर में पांच स्वास्थ्य जांच केंद्र स्थापित किए गए हैं। संदिग्ध की स्क्रीनिंग की जाएगी और बड़सर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की चकमोह और शाहतलाई में रजिस्ट्रेशन हो रही है। मंदिर न्यास अधिकारी ओपी लखनपाल ने कहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई है। यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को न्यास प्रशासन की ओर से हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। रविवार को करीब 18 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में शीश नवाया।
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कोरोना का डर भूलकर 18 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार नवाया शीश
मास्क की कमी के चलते न्यास प्रबंधन ने श्रद्धालुओं को दिए पटके
कुछ श्रद्धालुओं ने तो मुंह पर लपेटा तो अधिकतर ने गले में डाल लिया पटका
संवाद न्यूज एजेंसी
बिझड़ी (हमीरपुर)।
बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कोरोना के डर से बेखौफ होकर करीब 18 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका। इस दौरान न्यास प्रबंधन ने श्रद्धालुओं को मुंह ढकने के लिए मंदिर के पटके दिए। जिन्हें कुछ श्रद्धालुओं ने तो मुंह पर लपेटा लेकिन, अधिकतर ने गले में डाल लिया और बाबा के दर्शन किए। चैत्र मेलों का पहला रविवार होने के चलते काफी संख्या में भक्तों ने बाबा का दीदार किया।
श्रद्धालुओं ने बाबा की पवित्र गुफा में माथा टेका और बाबा का आशीर्वाद लिया। बाबा बालक नाथ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। लंबी कतारों में श्रद्धालुओं को कई घंटों तक दर्शनों के लिए खड़ा रहना पड़ा। चैत्र मेलों में प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और देश के हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर को 24 घंटे खुला रखा जा रहा है। कई श्रद्धालु शाहतलाई से दियोटसिद्ध तक दंडवत होकर आ रहे हैं। कोरोना वायरस से निपटने के लिए मंदिर परिसर में पांच स्वास्थ्य जांच केंद्र स्थापित किए गए हैं। संदिग्ध की स्क्रीनिंग की जाएगी और बड़सर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की चकमोह और शाहतलाई में रजिस्ट्रेशन हो रही है। मंदिर न्यास अधिकारी ओपी लखनपाल ने कहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई है। यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को न्यास प्रशासन की ओर से हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। रविवार को करीब 18 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में शीश नवाया।
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