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Hamirpur (Himachal) News: फार्मासिस्ट के सहारे आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र दियोटसिद्ध
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बाबा बालक नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का नहीं हो रहा इलाज
मंदिर की ओर से संचालित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक का पद रिक्त
मंदिर में श्रद्धालुओंं को आपात स्थिति में उपचार कराने में झेलनी पड़ रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को आपात स्थिति में उपचार कराने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास की ओर से संचालित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में एक वर्ष से चिकित्सक का पद रिक्त है लेकिन मंदिर न्यास स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं कर पाया है। ऐसे में मंदिर में देश-विदेश से दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को आपात स्थिति में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं राकेश कुमार, सोहन लाल, निक्कू राम, प्रकाश चंद, हेमराज, सरोज राणा, लता कुमारी आदि ने कहा कि बाबा बालक नाथ न्यास की ओर से संचालित स्वास्थ्य केंद्र एकमात्र फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक का पद रिक्त है, ऐसे में मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर न्यास गठन से पहले ही मंदिर परिसर के साथ स्वास्थ्य केेंद्र शुरू करवा दिया था। वर्ष 1987 में न्यास गठन के बाद यह स्वास्थ्य केंद्र न्यास प्रशासन के अंतर्गत आ गया। वर्ष 1998 से लेकर वर्ष 2003 तक इस आयुर्वेदिक अस्पताल में तीन-तीन डॉक्टर सेवाएं दे रहे थे जबकि एक फार्मासिस्ट और एक लैब टेक्नीशियन यहां पर कार्यरत थे। मौजूदा समय में पूरे स्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेदारी एकमात्र फार्मासिस्ट पर है जबकि अन्य सभी पद रिक्त हैं। इससे श्रद्धालुओं को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मंदिर न्यास से स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
इस बारे में बाबा बालकनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं एसडीएम बड़सर राजेंद्र गौतम ने कहा कि सरकार को डेपुटेशन पर चिकित्सक की तैनाती के लिए लिखा गया था लेकिन आचार संहिता होने के कारण संभव नहीं हो पाया है। आचार संहिता के बाद जल्द ही यहां पर डेपुटेशन पर चिकित्सक की नियुक्ति कर दी जाएगी।
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मंदिर की ओर से संचालित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक का पद रिक्त
मंदिर में श्रद्धालुओंं को आपात स्थिति में उपचार कराने में झेलनी पड़ रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को आपात स्थिति में उपचार कराने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास की ओर से संचालित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में एक वर्ष से चिकित्सक का पद रिक्त है लेकिन मंदिर न्यास स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं कर पाया है। ऐसे में मंदिर में देश-विदेश से दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को आपात स्थिति में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं राकेश कुमार, सोहन लाल, निक्कू राम, प्रकाश चंद, हेमराज, सरोज राणा, लता कुमारी आदि ने कहा कि बाबा बालक नाथ न्यास की ओर से संचालित स्वास्थ्य केंद्र एकमात्र फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक का पद रिक्त है, ऐसे में मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर न्यास गठन से पहले ही मंदिर परिसर के साथ स्वास्थ्य केेंद्र शुरू करवा दिया था। वर्ष 1987 में न्यास गठन के बाद यह स्वास्थ्य केंद्र न्यास प्रशासन के अंतर्गत आ गया। वर्ष 1998 से लेकर वर्ष 2003 तक इस आयुर्वेदिक अस्पताल में तीन-तीन डॉक्टर सेवाएं दे रहे थे जबकि एक फार्मासिस्ट और एक लैब टेक्नीशियन यहां पर कार्यरत थे। मौजूदा समय में पूरे स्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेदारी एकमात्र फार्मासिस्ट पर है जबकि अन्य सभी पद रिक्त हैं। इससे श्रद्धालुओं को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मंदिर न्यास से स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
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इस बारे में बाबा बालकनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं एसडीएम बड़सर राजेंद्र गौतम ने कहा कि सरकार को डेपुटेशन पर चिकित्सक की तैनाती के लिए लिखा गया था लेकिन आचार संहिता होने के कारण संभव नहीं हो पाया है। आचार संहिता के बाद जल्द ही यहां पर डेपुटेशन पर चिकित्सक की नियुक्ति कर दी जाएगी।
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