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प्रधानाचार्य के पद भरे सरकार : संघ
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sun, 27 Dec 2015 10:30 PM IST
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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने प्रदेश में खाली चल रहे प्रधानाचार्य के पदों को शीघ्र भरने की मांग की है।
संघ के राज्य अध्यक्ष विरेंद्र चौहान, महासचिव संजय मोगू, प्रदेश प्रवक्ता अश्वनी भट्ट व राज्य उपाध्यक्ष तपिश थापा ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में प्रधानाचार्य के लगभग 200 से ज्यादा पद रिक्त चल रहे हैं।
2016 में 150 से ज्यादा प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त होने जा रहे है। प्रदेश की पाठशालाओं में प्रधानाचार्यों के 350 से भी ज्यादा पद खाली हो रहे हैं। संघ के राज्य अध्यक्ष विरेंद्र चौहान ने बताया कि पाठशालाओं में प्रधानाचार्यों के अभाव के कारण कई मुश्किलें आ रही हैं।
शिक्षा व्यवस्था की पूर्ण जिम्मेदारी प्रधानाचार्य के ऊपर ही रहती है। इसी प्रकार सर्वशिक्षा अभियान व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के क्रियान्वयन का पूर्ण उत्तरदायित्व भी प्रधानाचार्यों के ऊपर है। लेकिन खाली चल रहे प्रधानाचार्य के पदों के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रधानाचार्यों के पदों पर शीघ्र पदोन्नति दी जाए। प्रधानाचार्यों के पदों पर मुख्याध्यापक व प्रवक्ताओं के निर्धारित कोटे के अनुसार पदोन्नति दी जाए।
कोटे में किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ न की जाए। प्रधानाचार्य के पदों पर मुख्याध्यापक कोटे से जो पद खाली चल रहे है उन्हें शीघ्र ही योग्य मुख्याध्यापकों की वरिष्ठता सूची के अनुसार पदोन्नति से भरा जाए।
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संघ के राज्य अध्यक्ष विरेंद्र चौहान, महासचिव संजय मोगू, प्रदेश प्रवक्ता अश्वनी भट्ट व राज्य उपाध्यक्ष तपिश थापा ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में प्रधानाचार्य के लगभग 200 से ज्यादा पद रिक्त चल रहे हैं।
2016 में 150 से ज्यादा प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त होने जा रहे है। प्रदेश की पाठशालाओं में प्रधानाचार्यों के 350 से भी ज्यादा पद खाली हो रहे हैं। संघ के राज्य अध्यक्ष विरेंद्र चौहान ने बताया कि पाठशालाओं में प्रधानाचार्यों के अभाव के कारण कई मुश्किलें आ रही हैं।
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शिक्षा व्यवस्था की पूर्ण जिम्मेदारी प्रधानाचार्य के ऊपर ही रहती है। इसी प्रकार सर्वशिक्षा अभियान व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के क्रियान्वयन का पूर्ण उत्तरदायित्व भी प्रधानाचार्यों के ऊपर है। लेकिन खाली चल रहे प्रधानाचार्य के पदों के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रधानाचार्यों के पदों पर शीघ्र पदोन्नति दी जाए। प्रधानाचार्यों के पदों पर मुख्याध्यापक व प्रवक्ताओं के निर्धारित कोटे के अनुसार पदोन्नति दी जाए।
कोटे में किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ न की जाए। प्रधानाचार्य के पदों पर मुख्याध्यापक कोटे से जो पद खाली चल रहे है उन्हें शीघ्र ही योग्य मुख्याध्यापकों की वरिष्ठता सूची के अनुसार पदोन्नति से भरा जाए।