{"_id":"606a011c8ebc3ed82e4a39a5","slug":"all-the-local-routes-remained-closed-on-sunday-passengers-were-in-trouble-hamirpur-hp-news-sml366425133","type":"story","status":"publish","title_hn":"रविवार को बंद रहे सभी लोकल रूट, यात्रियों को हुई परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रविवार को बंद रहे सभी लोकल रूट, यात्रियों को हुई परेशानी
विज्ञापन
बस अड्डा हमीरपुर में बसों का इंतजार करते लोग।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। जिले में रविवार को छुट्टी होने के कारण एचआरटीसी के सभी लोकल रूट बंद रहे। इससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, अंतरराज्यीय 21 रूटों पर बसें चलाई गईं, लेकिन सौ से ज्यादा लोकल रूटों पर बसों के पहिये थमे रहे। जिले में कुल 130 रूटों पर बसें दौड़ती हैं। कोरोना काल से पहले रूटों की संख्या 186 थी, लेकिन कोविड के कारण फिलहाल महत्वपूर्ण 130 रूटों पर ही बसें चलाई जा रही हैं। छुट्टी वाले दिन सबसे ज्यादा परेशानी लोकल रूटों पर जाने वाले लोगों को झेलनी पड़ी। निजी नौकरी, दुकान, ढाबा और इन पर काम करने वाले लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कुछेक निजी बसें कुछ रूटों पर चलने के कारण यात्रियों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन जिन रूटों पर निजी बसें नहीं गई, वहां के यात्रियों को टैक्सियों या अन्य वाहनों में अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। लोगों में राकेश कुमार, वरियाम सिंह, विपन शर्मा, शुभम पठानिया, दलीप चंद ने मांग की है कि छुट्टी वाले दिन भी बसें चलाई जाएं।
सरकारी बसों में महज सरकारी कर्मचारी ही नहीं आते हैं, इनमें सबसे अधिक यात्री प्राइवेट नौकरी करने वाले या दिहाड़ी-मजदूरी करने वाले ही होते हैं। जो सरकारी नौकरी में होते हैं, उनमें से अधिकतर के पास खुद के वाहन होते हैं। शनिवार को भी बसें बंद रहीं। लोगों ने मांग की है कि छुट्टी वाले दिन भी बसें चलाई जाएं। डीडीएम विवेक लखनपाल ने कहा कि छुट्टी के कारण लोकल रूट बंद रहे। जबकि, अंतरराज्यीय रूटों पर बसें चलाई गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुछेक निजी बसें कुछ रूटों पर चलने के कारण यात्रियों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन जिन रूटों पर निजी बसें नहीं गई, वहां के यात्रियों को टैक्सियों या अन्य वाहनों में अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। लोगों में राकेश कुमार, वरियाम सिंह, विपन शर्मा, शुभम पठानिया, दलीप चंद ने मांग की है कि छुट्टी वाले दिन भी बसें चलाई जाएं।
विज्ञापन
सरकारी बसों में महज सरकारी कर्मचारी ही नहीं आते हैं, इनमें सबसे अधिक यात्री प्राइवेट नौकरी करने वाले या दिहाड़ी-मजदूरी करने वाले ही होते हैं। जो सरकारी नौकरी में होते हैं, उनमें से अधिकतर के पास खुद के वाहन होते हैं। शनिवार को भी बसें बंद रहीं। लोगों ने मांग की है कि छुट्टी वाले दिन भी बसें चलाई जाएं। डीडीएम विवेक लखनपाल ने कहा कि छुट्टी के कारण लोकल रूट बंद रहे। जबकि, अंतरराज्यीय रूटों पर बसें चलाई गईं।
विज्ञापन