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Hamirpur (Himachal) News: टीबी मरीजों की ई-संगिनी बनी एआई चैटबॉट ‘खुशी’
Tue, 22 Sep 2026 05:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 22 Sep 2026 05:07 AM IST
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दवा की याद दिलाने के साथ 12 भाषाओं में देगी उपचार संबंधी जानकारी
लक्षण, जांच, दवाइयों, पोषण और सरकारी योजनाओं से जुड़े सवालों के भी देगी जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। टीबी के उपचार को आसान और मरीजों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। टीबी मुक्त भारत डिजिटल एप में शामिल एआई आधारित चैटबॉट ‘खुशी-आपकी ई-संगिनी’ मरीजों को उपचार से जुड़ी जानकारी देने के साथ समय पर दवा लेने की याद भी दिला रही है।
यह चैटबॉट 12 क्षेत्रीय भाषाओं में टेक्स्ट और आवाज के माध्यम से मरीजों की मदद कर रही है। मरीज टीबी के लक्षण, जांच, दवाइयों, उपचार की अवधि, पोषण, सावधानियों और सरकारी योजनाओं से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं। चैटबॉट सरल भाषा में जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास करती है, जिससे सामान्य जानकारी के लिए स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाने की जरूरत कम हो सकती है।
चैटबॉट मरीजों को दवा लेने के लिए संदेश भेजकर याद दिलाने के साथ उनसे प्रतिक्रिया भी लेती है। लंबे समय तक चलने वाले टीबी उपचार में दवा बीच में छोड़ने से उपचार प्रभावित हो सकता है। ऐसे में डिजिटल माध्यम से मिलने वाले संदेश मरीजों को उपचार नियमित रखने में मदद कर सकते हैं। जिले में हर माह करीब 900 टीबी मरीज आते हैं।
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12 भाषाओं में करेगी संवाद
‘खुशी’ हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, बंगाली समेत 12 भाषाओं में उपलब्ध है। यह टेक्स्ट के साथ आवाज के माध्यम से भी संवाद कर सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कोट
टीबी मुक्त भारत ऐप में एआई आधारित चैटबॉट ‘खुशी-आपकी ई-संगिनी’ को जोड़ा गया है। टीबी मरीज इसका लाभ उठा सकते हैं। -डॉ. सतीश कुमार, सीएमओ हमीरपुर
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लक्षण, जांच, दवाइयों, पोषण और सरकारी योजनाओं से जुड़े सवालों के भी देगी जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। टीबी के उपचार को आसान और मरीजों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। टीबी मुक्त भारत डिजिटल एप में शामिल एआई आधारित चैटबॉट ‘खुशी-आपकी ई-संगिनी’ मरीजों को उपचार से जुड़ी जानकारी देने के साथ समय पर दवा लेने की याद भी दिला रही है।
यह चैटबॉट 12 क्षेत्रीय भाषाओं में टेक्स्ट और आवाज के माध्यम से मरीजों की मदद कर रही है। मरीज टीबी के लक्षण, जांच, दवाइयों, उपचार की अवधि, पोषण, सावधानियों और सरकारी योजनाओं से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं। चैटबॉट सरल भाषा में जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास करती है, जिससे सामान्य जानकारी के लिए स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाने की जरूरत कम हो सकती है।
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चैटबॉट मरीजों को दवा लेने के लिए संदेश भेजकर याद दिलाने के साथ उनसे प्रतिक्रिया भी लेती है। लंबे समय तक चलने वाले टीबी उपचार में दवा बीच में छोड़ने से उपचार प्रभावित हो सकता है। ऐसे में डिजिटल माध्यम से मिलने वाले संदेश मरीजों को उपचार नियमित रखने में मदद कर सकते हैं। जिले में हर माह करीब 900 टीबी मरीज आते हैं।
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12 भाषाओं में करेगी संवाद
‘खुशी’ हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, बंगाली समेत 12 भाषाओं में उपलब्ध है। यह टेक्स्ट के साथ आवाज के माध्यम से भी संवाद कर सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कोट
टीबी मुक्त भारत ऐप में एआई आधारित चैटबॉट ‘खुशी-आपकी ई-संगिनी’ को जोड़ा गया है। टीबी मरीज इसका लाभ उठा सकते हैं। -डॉ. सतीश कुमार, सीएमओ हमीरपुर