{"_id":"5e3c4fec8ebc3ee5e23044cb","slug":"aggitation-againest-close-medicine-shop-hamirpur-hp-news-sml323487736","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी दवाइयों की दुकान को बंद करने पहुंची टीम का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी दवाइयों की दुकान को बंद करने पहुंची टीम का विरोध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नादौन (हमीरपुर)। स्थानीय अस्पताल परिसर में दवाइयों की सरकारी दुकान को बंद करने के विभाग के आदेशों का लोगों ने जमकर विरोध किया है। वीरवार को जैसे ही विभाग की टीम ने दुकान को बंद करने की प्रक्रिया आरंभ की तो इसकी भनक लगते ही व्यापार मंडल अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह की अगुवाई में जन जागरण समिति और ब्रिलियंट क्लब के सदस्यों सहित काफी संख्या में लोग अस्पताल परिसर पहुंच गए और दुकान बंद करने का विरोध कर इस प्रक्रिया बंद करने का आग्रह किया। विभाग का कहना है कि यह दुकान घाटे में चल रही है। जिस पर त्रिभुवन सिंह ने हैरानी जताते हुए कहा कि जब यह अस्पताल 10 बेड का था तब तो यह दुकान चलती रही और अब अस्पताल का नया 4 मंजिला भवन बनकर तैयार है, तब इस दुकान को बंद किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले यहां ड्यूटी पर केवल दो ही चिकित्सक हुआ करते थे। अब दो नए अतिरिक्त चिकित्सक आ चुके हैं। अभी और भी चिकित्सक आने वाले हैं। ऐसे में विभाग का यह कदम समझ से परे है। त्रिभुवन सिंह ने बताया कि सुविधाओं की कमी के कारण यहां ओपीडी कम थी परंतु अब पहले से कहीं अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो यहां पर ओपीडी की संख्या में भी काफी बढ़ोतरी होगी। ऐसे में विशेष तौर पर गरीबों को मिलने वाली यह सुविधा बंद नहीं होनी चाहिए। शहरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह सुविधा बंद की गई तो इसका जमकर विरोध किया जाएगा। खाद्य आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज शर्मा ने बताया कि इस दुकान को बंद करने के आदेश प्राप्त हुए हैं। जिसकी पालना के लिए टीम को नादौन भेजा गया था। वहीं, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अशोक कौशल ने बताया कि यदि विभाग दुकान चलाना चाहता है तो अस्पताल प्रशासन परिसर में स्थान उपलब्ध करवा देगा। वहीं, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री का कहना है कि लोगों को मिल रही इस सुविधा को बंद नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पहले यहां ड्यूटी पर केवल दो ही चिकित्सक हुआ करते थे। अब दो नए अतिरिक्त चिकित्सक आ चुके हैं। अभी और भी चिकित्सक आने वाले हैं। ऐसे में विभाग का यह कदम समझ से परे है। त्रिभुवन सिंह ने बताया कि सुविधाओं की कमी के कारण यहां ओपीडी कम थी परंतु अब पहले से कहीं अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो यहां पर ओपीडी की संख्या में भी काफी बढ़ोतरी होगी। ऐसे में विशेष तौर पर गरीबों को मिलने वाली यह सुविधा बंद नहीं होनी चाहिए। शहरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह सुविधा बंद की गई तो इसका जमकर विरोध किया जाएगा। खाद्य आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज शर्मा ने बताया कि इस दुकान को बंद करने के आदेश प्राप्त हुए हैं। जिसकी पालना के लिए टीम को नादौन भेजा गया था। वहीं, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अशोक कौशल ने बताया कि यदि विभाग दुकान चलाना चाहता है तो अस्पताल प्रशासन परिसर में स्थान उपलब्ध करवा देगा। वहीं, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री का कहना है कि लोगों को मिल रही इस सुविधा को बंद नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन