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Hamirpur (Himachal) News: बाबा बालक नाथ मंदिर के कर्मचारियों की महिला समूह तैयार करेगा वर्दियां
Sat, 24 Oct 2026 01:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:37 AM IST
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हमीरपुर। विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में चढ़ावे की गणना करने वाले कर्मचारियों की वर्दियां अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तैयार करेंगी। मंदिर न्यास ने स्थानीय महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से शिवा स्वयं सहायता समूह, सकरोह को 88 वर्दियां सिलने का ऑर्डर दिया है।
ये वर्दियां कुर्ता-पायजामा शैली में तैयार की जा रही हैं और इनमें कोई जेब नहीं होगी। चढ़ावे की गणना में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को दूर करने के लिए कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली वर्दी अनिवार्य की गई है।
शिवा स्वयं सहायता समूह की प्रधान सुप्रिया चौहान ने बताया कि उन्होंने दो अन्य महिलाओं के साथ मिलकर वर्दियां तैयार की हैं। मंदिर न्यास से मिले इस काम से समूह की महिलाओं को रोजगार का अवसर मिला है।
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उन्होंने बताया कि भविष्य में भी न्यास की ओर से महिलाओं से ही वर्दियां तैयार करवाई जाएंगी।
कोट
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ग्रामीण स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए न्यास की ओर से वर्दियां सिलने का ऑर्डर दिया गया है। इसी के तहत महिलाएं वर्दियां तैयार कर रही हैं। -राजेश शर्मा, खंड विकास अधिकारी, बिझड़ी
बॉक्स
गड़बड़ी के बाद गणना व्यवस्था में किया बदलाव
बाबा बालक नाथ मंदिर में 29 सितंबर 2025 को चढ़ावे की गणना के दौरान अनियमितता का मामला सामने आया था। गणना में 500 रुपये के नोटों के एक बंडल में 100 की जगह 140 नोट मिले थे। इसके बाद मंदिर न्यास ने गणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई बदलाव किए। बिना जेब वाली वर्दी भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है, ताकि गणना के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को कम किया जा सके।
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ये वर्दियां कुर्ता-पायजामा शैली में तैयार की जा रही हैं और इनमें कोई जेब नहीं होगी। चढ़ावे की गणना में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को दूर करने के लिए कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली वर्दी अनिवार्य की गई है।
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शिवा स्वयं सहायता समूह की प्रधान सुप्रिया चौहान ने बताया कि उन्होंने दो अन्य महिलाओं के साथ मिलकर वर्दियां तैयार की हैं। मंदिर न्यास से मिले इस काम से समूह की महिलाओं को रोजगार का अवसर मिला है।
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उन्होंने बताया कि भविष्य में भी न्यास की ओर से महिलाओं से ही वर्दियां तैयार करवाई जाएंगी।
कोट
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ग्रामीण स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए न्यास की ओर से वर्दियां सिलने का ऑर्डर दिया गया है। इसी के तहत महिलाएं वर्दियां तैयार कर रही हैं। -राजेश शर्मा, खंड विकास अधिकारी, बिझड़ी
बॉक्स
गड़बड़ी के बाद गणना व्यवस्था में किया बदलाव
बाबा बालक नाथ मंदिर में 29 सितंबर 2025 को चढ़ावे की गणना के दौरान अनियमितता का मामला सामने आया था। गणना में 500 रुपये के नोटों के एक बंडल में 100 की जगह 140 नोट मिले थे। इसके बाद मंदिर न्यास ने गणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई बदलाव किए। बिना जेब वाली वर्दी भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है, ताकि गणना के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को कम किया जा सके।