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लुटने को मजबूर अभिभावक
Hamirpur
Updated Wed, 09 Apr 2014 05:31 AM IST
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हमीरपुर। निजी स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों के अभिभावक लुटने को मजबूर हैं। निजी स्कूल प्रबंधन मनमाने ढंग से फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं। हर वर्ष प्रवेश शुल्क भी वसूला जा रहा है। इससे अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। शिक्षा विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। निजी स्कूलों पर नकेल नहीं कसी जा रही है। सरकार भी कोई निजी स्कूलों पर नकेल कसने के लिए कोई नियम नहीं बना सकी। इससे अभिभावकों में रोष है। कहा कि बिल्डिंग फंड, ट्यूशन फीस, स्पोर्ट्स फंड आदि के रूप में शुल्क लिया जा रहा है। हर साल प्रवेश शुल्क वसूले जाने से अभिभावक परेशान हैं। जिला मुख्यालय पर ही कई ऐसे स्कूल हैं जिनके पास खेलकूद के लिए पर्याप्त मैदान तक नहीं हैं, लेकिन बच्चों से प्रवेश के समय हर वर्ष स्पोर्ट्स फंड लिया जा रहा है। अभिभावक आवाज उठाने की बजाय सब कुछ सहने को मजबूर हैं।
पहली कक्षा में ही 10 हजार तक शुल्क
प्रबंधनों ने प्रवेश शुल्क सहित मासिक फीस में बेतहाशा वृद्धि कर दी है। प्रथम कक्षा में ही 4 स71े 10 हजार रुपये तक प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। पिछले वर्ष इन्हीं स्कूलों में प्रवेश शुल्क करीब 3 से 8 हजार रुपये तक था। एक कक्षा से अगली कक्षा में जाने पर प्रवेश शुल्क के साथ बिल्डिंग फंड, ट्यूशन फीस आदि के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है।
कसी जाए लगाम
अभिभावकों अमित कुमार, राजेश शर्मा, नरेश ठाकुर, सुरेंद्र कुमार, विक्रम पठानिया, सरिता पटियाल, अंजना कौशल, सुनीता ठाकुर आदि ने बताया कि बच्चों के प्रवेश पर हर वर्ष प्रवेश 9ऋ
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शुल्क लिया जा रहा है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाई जाए।
निजी स्कूलों की फीस पर शिक्षा विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है। फिलहाल विभाग इस ओर कुछ कार्रवाई नहीं कर सकता।
-इंद्रजीत सिंह, शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक
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पहली कक्षा में ही 10 हजार तक शुल्क
प्रबंधनों ने प्रवेश शुल्क सहित मासिक फीस में बेतहाशा वृद्धि कर दी है। प्रथम कक्षा में ही 4 स71े 10 हजार रुपये तक प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। पिछले वर्ष इन्हीं स्कूलों में प्रवेश शुल्क करीब 3 से 8 हजार रुपये तक था। एक कक्षा से अगली कक्षा में जाने पर प्रवेश शुल्क के साथ बिल्डिंग फंड, ट्यूशन फीस आदि के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है।
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कसी जाए लगाम
अभिभावकों अमित कुमार, राजेश शर्मा, नरेश ठाकुर, सुरेंद्र कुमार, विक्रम पठानिया, सरिता पटियाल, अंजना कौशल, सुनीता ठाकुर आदि ने बताया कि बच्चों के प्रवेश पर हर वर्ष प्रवेश 9ऋ
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शुल्क लिया जा रहा है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाई जाए।
निजी स्कूलों की फीस पर शिक्षा विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है। फिलहाल विभाग इस ओर कुछ कार्रवाई नहीं कर सकता।
-इंद्रजीत सिंह, शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक