फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   बड़सर में छह माह से वेतन को तरस रहे तकनीकी सहायक

बड़सर में छह माह से वेतन को तरस रहे तकनीकी सहायक

Tue, 19 Dec 2017 11:10 PM IST
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
बड़सर में छह माह से वेतन को तरस रहे तकनीकी सहायक
बड़सर(हमीरपुर)। बिझड़ी ब्लॉक के तकनीकी सहायकों को छह माह से वेतन नहीं मिल पाया है। ब्लॉक की 48 पंचायतों में मनरेगा समेत अन्य कार्यों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। वेतन न मिलने से परिवार का भरण पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। तकनीकी सहायकों ने ग्रामीण विकास विभाग से वेतन जारी करने की मांग की है। यह वेतन राशि सरकार द्वारा मनरेगा फंड से दी जाती है। इसमें कार्यरत तकनीकी सहायकों को तकरीबन 5500 से 10 हजार तक पगार दी जाती है। रेगुलर तकनीकी सहायकों को लगभग 22 हजार राशि दी जानी है।
विज्ञापन

मौजूदा समय में बिझड़ी ब्लॉक के अंतर्गत 13 तकनीकी सहायक कार्यरत हैं। जिन्हें जुलाई माह से वेतन नहीं मिल पाया है। इनमें से 6 तकनीकी सहायक दो माह से रेगुलर हो चुके हैं। इन्हें चार माह से अनुबंध तथा दो माह से रेगुलर की दर से वेतन दिया जाना है। 7 तकनीकी सहायकों को छह माह से अनुबंध की दर से वेतन दिया जाना है। तकनीकी सहायकों का कहना है कि सरकार ने उन्हें नियमित लाभ दे दिया लेकिन अनुबंध और रेगुलर का वेतन नहीं मिला है। अनुबंध व नियमित तकनीकी सहायकों को 6 माह से वेतन राशि नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि बिना वेतन से बच्चों की पढ़ाई व अन्य खर्च करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें छह माह की बकाया वेतन राशि तुरंत दी जाए। उधर, बीडीओ बिझड़ी बलिंद्र जसवाल ने बताया कि मनरेगा फंड कम होने के चलते तकनीकी सहायकों को वेतन नहीं मिल पाया है। मनरेगा फंड जारी होने पर तकनीकी सहायकों को वेतन राशि खाते में डाल दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed