{"_id":"5ac113964f1c1b99618b4e3a","slug":"71522602902-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोरंज में नए अस्पताल भवन के निर्माण को हुई पैमाइश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोरंज में नए अस्पताल भवन के निर्माण को हुई पैमाइश
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोरंज(हमीरपुर)। सिविल अस्पताल भोरंज के नए भवन के निर्माण की आस अब जगने लगी है। अस्पताल के नए भवन के निर्माण के लिए राजस्व विभाग ने पैमाइश कर ली है। इसके बाद अब लोक निर्माण विभाग इसका नक्शा और एस्टीमेट बनाने में जुट गया है। अस्पताल के नए भवन का निर्माण 22 कनाल और 10 मरले भूमि पर किया जाएगा। विभाग ने भवन निर्माण के लिए पुराने अस्पताल के पास ही भूमि चिह्नित की है। इसी भूमि के पास फैमिली क्वार्टर बने हैं जो जर्जर हो चुके हैं। डिस्मेंटल कमेटी ने इन जर्जर फैमिली क्वार्टर को गिराने की अनुमति दे दी है।
फरवरी 2014 को सामुदायिक अस्पताल से सिविल अस्पताल का दर्जा प्राप्त यह अस्पताल लंबे समय से असुविधाओं की मार झेल रहा है। 2014 में प्रदेश सरकार ने मात्र एक क्लर्क का पद बढ़ा कर इसे सिर्फ कागजों में ही सिविल अस्पताल का दर्जा दिया। 700 से अधिक ओपीडी वाले इस अस्पताल में 19 बिस्तरों का ही प्रावधान है। अब इस अस्पताल के नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही लोगों को नए भवन की सुविधा मिलेगी। इस संबंध में बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया का कहना है कि भूमि की पैमाइश हो चुकी है और जर्जर भवनों को गिराने की अनुमति भी मिल चुकी है। उन्होंने कहा इसके लिए लोक निर्माण विभाग एस्टीमेट तैयार कर रहा है। उधर, भोरंज विस क्षेत्र की विधायक कमलेश कुमारी का कहना है कि उन्होंने भोरंज सिविल अस्पताल को प्राथमिकता में लिया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी इस अस्पताल की अनदेखी की बात को उठाया और संबंधित विभागों को इसके निर्माण कार्य की प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए गए हैं। जल्द ही इसके निर्माण के लिए पैसा स्वीकृत हो जाएगा।
विज्ञापन
फरवरी 2014 को सामुदायिक अस्पताल से सिविल अस्पताल का दर्जा प्राप्त यह अस्पताल लंबे समय से असुविधाओं की मार झेल रहा है। 2014 में प्रदेश सरकार ने मात्र एक क्लर्क का पद बढ़ा कर इसे सिर्फ कागजों में ही सिविल अस्पताल का दर्जा दिया। 700 से अधिक ओपीडी वाले इस अस्पताल में 19 बिस्तरों का ही प्रावधान है। अब इस अस्पताल के नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही लोगों को नए भवन की सुविधा मिलेगी। इस संबंध में बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया का कहना है कि भूमि की पैमाइश हो चुकी है और जर्जर भवनों को गिराने की अनुमति भी मिल चुकी है। उन्होंने कहा इसके लिए लोक निर्माण विभाग एस्टीमेट तैयार कर रहा है। उधर, भोरंज विस क्षेत्र की विधायक कमलेश कुमारी का कहना है कि उन्होंने भोरंज सिविल अस्पताल को प्राथमिकता में लिया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी इस अस्पताल की अनदेखी की बात को उठाया और संबंधित विभागों को इसके निर्माण कार्य की प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए गए हैं। जल्द ही इसके निर्माण के लिए पैसा स्वीकृत हो जाएगा।
विज्ञापन