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सड़क से महरूम कसियाणा गांव
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:11 PM IST
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भोरंज(हमीरपुर)। उपमंडल के अंतर्गत आने वाली नंधन पंचायत के तहत गांव कसियाणा आजादी के 70 वर्ष बीत जाने के बाद भी विकास को तरस रहा है। इस गांव में न तो सड़क सुविधा है और न ही पक्के रास्ते हैं। गांव में अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे करीब डेढ़ किलोमीटर दूर कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ता है। पहले पंचायत ने इस गांव को कई गांवों से जोड़ने के लिए पुली बनाई थी जिससे गांव पट्टा, बलेट, कोटलू, बलोखर से जुड़ गया लेकिन इस पुलिया की हालत काफी खराब है।
गांव के बच्चे पट्टा स्कूल में पढ़ने के लिए इस जर्जर पुली से गुजरते हैं और कभी भी इस पुली पर हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों उत्तम चंद, प्रवीण कुमार, जसवीर सिंह, शेख मोहम्मद आदि ने कहा कि इस गांव की लगभग 200 आबादी है, लेकिन कोई भी यहां की सुध नहीं लेता है।
गांव में पानी भी सप्ताह में 2 दिन आता है। पंचायत प्रधान ईश्वरी देवी ने कहा कि इस गांव को सड़क सुविधा देने के लिए 8 लाख रुपये का अस्टीमेट बना कर सरकार को भेज दिया लेकिन इस बारे कोई कार्रवाई नहीं की गई। पंचायत ने बार-बार इन लोगों की समस्या को हर जगह रखा लेकिन इसका हल नहीं हो पाया।
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गांव के बच्चे पट्टा स्कूल में पढ़ने के लिए इस जर्जर पुली से गुजरते हैं और कभी भी इस पुली पर हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों उत्तम चंद, प्रवीण कुमार, जसवीर सिंह, शेख मोहम्मद आदि ने कहा कि इस गांव की लगभग 200 आबादी है, लेकिन कोई भी यहां की सुध नहीं लेता है।
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गांव में पानी भी सप्ताह में 2 दिन आता है। पंचायत प्रधान ईश्वरी देवी ने कहा कि इस गांव को सड़क सुविधा देने के लिए 8 लाख रुपये का अस्टीमेट बना कर सरकार को भेज दिया लेकिन इस बारे कोई कार्रवाई नहीं की गई। पंचायत ने बार-बार इन लोगों की समस्या को हर जगह रखा लेकिन इसका हल नहीं हो पाया।
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