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कर्मचारी संघ ने पर्यटन निगम प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा
Updated Tue, 05 Jun 2018 11:21 PM IST
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ (भामसं) के राज्य अध्यक्ष डाबे राम चौहान और प्रदेश महामंत्री मलकीयत सिंह पठानिया ने निगम के प्रबंध निदेशक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के नेताओं ने कहा कि उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को लेकर 7 जून को शिमला में निगम के मुख्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। एमडी ने उन्हें एक साथ दो पत्र भेजकर धरना प्रदर्शन न होने की बात कही है, जिसका निगम के समस्त कर्मचारी विरोध करते हैं।
चौहान और पठानिया ने कहा कि लोकतंत्र में सभी लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के तुगलकी फरमानों से डराया व धमकाया नहीं जा सकता है। संघ मांगों को लेकर संघ तीन बार ज्ञापन दे चुका है लेकिन निगम प्रबंधन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। जिसके चलते उन्होंने धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि 19 मार्च 2018 को शिमला में हुई बैठक में 31 सूत्री मांग पत्र पर विचार विमर्श हुआ था। प्रबंधन ने 80 फीसदी मांगों पर मोहर भी लगाई थी। आज प्रबंधन इस आंदोलन को दबाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रहा है, जिसमें प्रबंधन सफल नहीं हो पाएगा। संघ ने प्रबंध निदेशक को चेताते हुए कहा कि 7 जून को सुबह दस बजे शिमला में यह धरना प्रदर्शन हर हाल में होकर रहेगा। अगर कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेवारी प्रबंध निदेशक की होगी। संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गुहार लगाई है कि कर्मचारियों की मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए।
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चौहान और पठानिया ने कहा कि लोकतंत्र में सभी लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के तुगलकी फरमानों से डराया व धमकाया नहीं जा सकता है। संघ मांगों को लेकर संघ तीन बार ज्ञापन दे चुका है लेकिन निगम प्रबंधन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। जिसके चलते उन्होंने धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि 19 मार्च 2018 को शिमला में हुई बैठक में 31 सूत्री मांग पत्र पर विचार विमर्श हुआ था। प्रबंधन ने 80 फीसदी मांगों पर मोहर भी लगाई थी। आज प्रबंधन इस आंदोलन को दबाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रहा है, जिसमें प्रबंधन सफल नहीं हो पाएगा। संघ ने प्रबंध निदेशक को चेताते हुए कहा कि 7 जून को सुबह दस बजे शिमला में यह धरना प्रदर्शन हर हाल में होकर रहेगा। अगर कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेवारी प्रबंध निदेशक की होगी। संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गुहार लगाई है कि कर्मचारियों की मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए।
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