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राष्ट्र रक्षा व शहीदों की शांति के लिए ऊहल में अनूठा प्रयास
Updated Sat, 10 Mar 2018 09:48 PM IST
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शहीदों की आत्मिक शांति को होगा महायज्ञ
परनाली गांव में किया जाएगा आयोजन
डेढ़ सौ पंडित करेंगे 24 लाख गायत्री मंत्र का जाप
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। टौणी देवी तहसील के दुर्गम क्षेत्र ऊहल पंचायत के परनाली गांव में विशाल गायत्री महायज्ञ 2 से 10 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। देश की रक्षा और मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों की आत्मा की शांति के लिए नौ दिन तक विशाल गायत्री महायज्ञ क्षेत्रवासियों के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें एक साथ करीब डेढ़ सौ विद्वान पंडित 24 लाख गायत्री मंत्र का जाप करेंगे। हिमाचल में संभवता पहली बार इतना पड़ा आयोजन देश और शहीदों के लिए किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों के सहयोग से इसका आयोजन किया जा रहा है। इसमें संयोजक के तौर पर पंडित रमेश शास्त्री मुख्य रूप से भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विशाल गायत्री महायज्ञ को लेकर क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों के मन में विचार आया और इसे करने के लिए हामी भरी। व्यक्तिगत उत्थान के लिए व्यक्ति निरंतर लगा रहता है, लेकिन देश की रक्षा, शांति, सद्भाव के लिए कम ही लोग सोचते हैं। इसी उद्देश्य को लेकर इसका आयोजन किया जा रहा है। शहीदों की आत्मा की शांति के लिए भी इसे किया जा रहा है। महायज्ञ के लिए 25 हवन कुंड तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें निरंतर हवन होगा। इसके साथ ही हर दिन लंगर का आयोजन भी किया जा रहा है। कार्यक्रम पर करीब 35 लाख रुपये के खर्च का अनुमान है। महायज्ञ कार्यक्रम शुरू करने के लिए परनाली में भूमि पूजन किया गया तथा हवन कुंडों के लिए पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में दूर-दूर से लोगों के पहुंचने का अनुमान है। उनका कहना है कि देश पहले है तथा इसके लिए हर किसी को अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए। इसके लिए बीती 6 अक्तूबर को परनाली गांव में अखंड ज्योति जलाई गई थी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के साथ ही विधायक नरेंद्र ठाकुर और क्षेत्र के लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया था। इसी ज्योति को गायत्री महायज्ञ के दौरान यहां पर स्थानांतरित किया जाएगा।
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परनाली गांव में किया जाएगा आयोजन
डेढ़ सौ पंडित करेंगे 24 लाख गायत्री मंत्र का जाप
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। टौणी देवी तहसील के दुर्गम क्षेत्र ऊहल पंचायत के परनाली गांव में विशाल गायत्री महायज्ञ 2 से 10 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। देश की रक्षा और मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों की आत्मा की शांति के लिए नौ दिन तक विशाल गायत्री महायज्ञ क्षेत्रवासियों के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें एक साथ करीब डेढ़ सौ विद्वान पंडित 24 लाख गायत्री मंत्र का जाप करेंगे। हिमाचल में संभवता पहली बार इतना पड़ा आयोजन देश और शहीदों के लिए किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों के सहयोग से इसका आयोजन किया जा रहा है। इसमें संयोजक के तौर पर पंडित रमेश शास्त्री मुख्य रूप से भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विशाल गायत्री महायज्ञ को लेकर क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों के मन में विचार आया और इसे करने के लिए हामी भरी। व्यक्तिगत उत्थान के लिए व्यक्ति निरंतर लगा रहता है, लेकिन देश की रक्षा, शांति, सद्भाव के लिए कम ही लोग सोचते हैं। इसी उद्देश्य को लेकर इसका आयोजन किया जा रहा है। शहीदों की आत्मा की शांति के लिए भी इसे किया जा रहा है। महायज्ञ के लिए 25 हवन कुंड तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें निरंतर हवन होगा। इसके साथ ही हर दिन लंगर का आयोजन भी किया जा रहा है। कार्यक्रम पर करीब 35 लाख रुपये के खर्च का अनुमान है। महायज्ञ कार्यक्रम शुरू करने के लिए परनाली में भूमि पूजन किया गया तथा हवन कुंडों के लिए पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में दूर-दूर से लोगों के पहुंचने का अनुमान है। उनका कहना है कि देश पहले है तथा इसके लिए हर किसी को अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए। इसके लिए बीती 6 अक्तूबर को परनाली गांव में अखंड ज्योति जलाई गई थी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के साथ ही विधायक नरेंद्र ठाकुर और क्षेत्र के लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया था। इसी ज्योति को गायत्री महायज्ञ के दौरान यहां पर स्थानांतरित किया जाएगा।