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अनुबंध कर्मचारियों को मिले वरिष्ठता और वितीय लाभ : यूनियन
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश अनुबंध नियमित कर्मचारी संगठन ने प्रदेश सरकार से कर्मचारियों के अनुबंधकाल को कुल सेवा में जोड़ने और नियुक्ति से वरिष्ठता लाभ देने की मांग की है। वर्ष 2008 में आरएंडपी नियमों के तहत अनुबंध पर नियुक्त अध्यापकों ने प्रदेश के जनजातीय इलाकों में 8400 रुपये प्रतिमाह वेतन पर सेवाएं दी हैं। संगठन का कहना है कि पूर्व में अनुबंध काल आठ वर्ष का था। जिसे बाद में 6 वर्ष और उसके बाद 5 और वर्तमान में 3 वर्ष किया गया है।
उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी 8, 6 और 5 वर्ष तक अनुबंध आधार पर सेवाएं देने के बाद नियमित हुए उन्हें कई तरह के वित्तीय नुकसान के साथ कुल सेवाकाल में भी कमी आई है। जिससे वह वरिष्ठता सूची में पिछड़ते जा रहे हैं। कई बार 5 से 8 वर्ष का अनुबंध काट चुके कर्मचारियों से निम्न कर्मचारी पदोन्नत होकर वरिष्ठ पद पर विराजमान हो गए हैं। वर्ष 2008 में अनुबंध पर तैनात टीजीटी को 7 साल तक 13900 रुपये वेतन और वर्ष 2010 में तैनात अनुबंध पीजीटी को छह साल तक 14500 रुपये वेतन मिलता रहा। हर साल केवल 3 फीसदी वेतनवृद्धि दी गई। हिमाचल प्रदेश अनुबंध नियमित कर्मचारी यूनियन के प्रधान मुनीष गर्ग, महासचिव अनिल सेन और प्रदेश अनुबंध अध्यापक यूनियन के प्रधान प्रवीण शर्मा, महासचिव अरुण कानूनगो ने कहा कि जिस तरह प्रदेश सरकार से पीटीए और पैरा टीचर को नियमित शिक्षकों के बराबर वित्तीय लाभ देने की घोषणा की है, उसी तर्ज पर अनुबंध आधार पर तैनात कर्मचारियों को वरिष्ठता और वित्तीय लाभ प्रदान किए जाएं।
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उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी 8, 6 और 5 वर्ष तक अनुबंध आधार पर सेवाएं देने के बाद नियमित हुए उन्हें कई तरह के वित्तीय नुकसान के साथ कुल सेवाकाल में भी कमी आई है। जिससे वह वरिष्ठता सूची में पिछड़ते जा रहे हैं। कई बार 5 से 8 वर्ष का अनुबंध काट चुके कर्मचारियों से निम्न कर्मचारी पदोन्नत होकर वरिष्ठ पद पर विराजमान हो गए हैं। वर्ष 2008 में अनुबंध पर तैनात टीजीटी को 7 साल तक 13900 रुपये वेतन और वर्ष 2010 में तैनात अनुबंध पीजीटी को छह साल तक 14500 रुपये वेतन मिलता रहा। हर साल केवल 3 फीसदी वेतनवृद्धि दी गई। हिमाचल प्रदेश अनुबंध नियमित कर्मचारी यूनियन के प्रधान मुनीष गर्ग, महासचिव अनिल सेन और प्रदेश अनुबंध अध्यापक यूनियन के प्रधान प्रवीण शर्मा, महासचिव अरुण कानूनगो ने कहा कि जिस तरह प्रदेश सरकार से पीटीए और पैरा टीचर को नियमित शिक्षकों के बराबर वित्तीय लाभ देने की घोषणा की है, उसी तर्ज पर अनुबंध आधार पर तैनात कर्मचारियों को वरिष्ठता और वित्तीय लाभ प्रदान किए जाएं।
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